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चुनाव में ड्यूटी कटवाने वालों का पकड़ा गया झूठ
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एटा। मतदान में ड्यूटी कटवाने के लिए सरकारी कर्मचारी खुद को अस्वस्थ बता रहे हैं। जिला अस्पताल में ड्यूटी कटवाने की मंशा लेकर आए सैकड़ों कर्मचारियों के आवेदन गलत पाए गए हैं। मेडिकल बोर्ड द्वारा इन आवेदकों की जांच की गई तो मात्र 16 ही अनफिट पाए गए, जिन्हें अनफिट होने का प्रमाण पत्र दिया गया।
मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लगाई की ड्यूटी को कटवाने के लिए कर्मचारी तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। स्वस्थ होने के बावजूद भी खुद को अस्वस्थ होने के प्रमाण पत्र बनवाने वालों का तांता सीएमओ दफ्तर में ड्यूटी लगते ही शुरू हो गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अस्वस्थ कर्मचारियों की जांच कर प्रमाण पत्र बनाने के लिए एक बोर्ड गठित कर दिया है। बोर्ड के समक्ष अब तक सैकड़ों आवेदन आ चुके हैं। बोर्ड के चिकित्सकों ने जब आवेदनकर्ताओं का परीक्षण किया तो वह फिट पाए गए, ऐसे लोगों का झूठ भी पकड़ में आ गया है। अब तक मात्र 16 लोग ही अनफिट (अस्वस्थ) पाए गए हैं, इनको बोर्ड की ओर से प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
फिट पाए जाने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
चुनावी प्रक्रिया से मुंह मोड़ने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन ने अगर संज्ञान लिया तो उन पर कार्रवाई भी हो सकती है। स्वस्थ होने के बावजूद खुद को अस्वस्थ दर्शाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने वालों का डाटा तलब किया गया तो बचना मुुश्किल हो जाएगा।
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डयूटी को कटवाने के लिए अब तक सैकड़ों आवेदन आ चुके हैं इनमें से मात्र 16 ही अस्वस्थ पाए गए हैं। अन्य लोग झूठ का सहारा लेना चाहते थे, इनको बोर्ड ने स्वस्थ पाया है।
डा. एके यादव, एसीएमओ व बोर्ड अध्यक्ष
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मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए लगाई की ड्यूटी को कटवाने के लिए कर्मचारी तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। स्वस्थ होने के बावजूद भी खुद को अस्वस्थ होने के प्रमाण पत्र बनवाने वालों का तांता सीएमओ दफ्तर में ड्यूटी लगते ही शुरू हो गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अस्वस्थ कर्मचारियों की जांच कर प्रमाण पत्र बनाने के लिए एक बोर्ड गठित कर दिया है। बोर्ड के समक्ष अब तक सैकड़ों आवेदन आ चुके हैं। बोर्ड के चिकित्सकों ने जब आवेदनकर्ताओं का परीक्षण किया तो वह फिट पाए गए, ऐसे लोगों का झूठ भी पकड़ में आ गया है। अब तक मात्र 16 लोग ही अनफिट (अस्वस्थ) पाए गए हैं, इनको बोर्ड की ओर से प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
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फिट पाए जाने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
चुनावी प्रक्रिया से मुंह मोड़ने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन ने अगर संज्ञान लिया तो उन पर कार्रवाई भी हो सकती है। स्वस्थ होने के बावजूद खुद को अस्वस्थ दर्शाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने वालों का डाटा तलब किया गया तो बचना मुुश्किल हो जाएगा।
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डयूटी को कटवाने के लिए अब तक सैकड़ों आवेदन आ चुके हैं इनमें से मात्र 16 ही अस्वस्थ पाए गए हैं। अन्य लोग झूठ का सहारा लेना चाहते थे, इनको बोर्ड ने स्वस्थ पाया है।
डा. एके यादव, एसीएमओ व बोर्ड अध्यक्ष