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हत्यारे पति को दस वर्ष का कारावास
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फिरोजाबाद। अपर जिला जज एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे ने दहेज के हत्यारोपी पति को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। 15 हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना नारखी क्षेत्र का पांच वर्ष पुराना है। महेशचंद्र शर्मा ने 11 अक्तूबर 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अपनी बेटी नीलम की शादी चार दिसंबर 2008 को थाना नारखी को मोहम्मदी निवासी सतीश के साथ की थी।
शादी के एक वर्ष तक सतीश ने नीलम को तो ठीक रखा। इसके बाद एक लाख रुपया बाइक की मांग शुरू कर दी। इस दौरान नीलम के तीन बच्चे दीपिका, दीक्षा, कृष्णा हो गए। दहेज की मांग पूरी नहीं होने के चलते नीलम को परेशान करते थे जिससे उसने विषाक्त का सेवन कर लिया।
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उपचार को आगरा के प्राइवेट अस्पताल में ले गए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी सतीश के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। यह मामला शेषन को सुपुर्द हुआ।
मुकदमा सुनवाई को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राठौर ने पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद अभियुक्त सतीश को खुले न्यायालय में सजा सुनाई है।
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मामला थाना नारखी क्षेत्र का पांच वर्ष पुराना है। महेशचंद्र शर्मा ने 11 अक्तूबर 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अपनी बेटी नीलम की शादी चार दिसंबर 2008 को थाना नारखी को मोहम्मदी निवासी सतीश के साथ की थी।
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शादी के एक वर्ष तक सतीश ने नीलम को तो ठीक रखा। इसके बाद एक लाख रुपया बाइक की मांग शुरू कर दी। इस दौरान नीलम के तीन बच्चे दीपिका, दीक्षा, कृष्णा हो गए। दहेज की मांग पूरी नहीं होने के चलते नीलम को परेशान करते थे जिससे उसने विषाक्त का सेवन कर लिया।
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उपचार को आगरा के प्राइवेट अस्पताल में ले गए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी सतीश के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। यह मामला शेषन को सुपुर्द हुआ।
मुकदमा सुनवाई को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राठौर ने पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद अभियुक्त सतीश को खुले न्यायालय में सजा सुनाई है।