{"_id":"5b72d2da42c79259de1746b4","slug":"131534251738-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं थम रहीं संक्रामक बीमारियां, दो और की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं थम रहीं संक्रामक बीमारियां, दो और की मौत
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में बेड कम पड़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में एक बच्ची सहित दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं, 21 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। बेड कम पड़ने पर पहले से मरीजों को राहत मिलने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जनपद में बुखार, डायरिया, पेटदर्द आदि से पीड़ित होने पर मरीजों की मौत हो रही है। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव बीलों निवासी 65 वर्षीय मेवाराम को परिजनों ने 11 अगस्त को बुखार से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान सोमवार की रात मेवाराम की जिला अस्पताल में मौत हो गई। थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव हरीसिंहपुर निवासी रनवीर सिंह की एक वर्षीय पुत्री शिवांगी को सोमवार की रात बुखार से पीड़ित होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार बच्ची की हालत तीन दिन से खराब थी वे एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। इसके अतिरिक्त मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। इमरजेंसी में 21 मरीज भर्ती कराए गए, जिससे बेड कम पड़ गए। मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कराया गया तब कहीं जाकर अन्य मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था हो सकी।
विज्ञापन
मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियों के कहर पर यदि नजर डाली जाए तो सात दिन में सात मरीजों की मौत हो गई है। इसके बाद भी विभाग अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार सात जुलाई को एक, आठ जुलाई को दो, 10 जुलाई को एक, 12 जुलाई को एक तथा 13 जुलाई को दो मरीजों की मौत हुई। लेकिन इसके बाद भी विभाग ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं।
विज्ञापन
जनपद में बुखार, डायरिया, पेटदर्द आदि से पीड़ित होने पर मरीजों की मौत हो रही है। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव बीलों निवासी 65 वर्षीय मेवाराम को परिजनों ने 11 अगस्त को बुखार से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान सोमवार की रात मेवाराम की जिला अस्पताल में मौत हो गई। थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव हरीसिंहपुर निवासी रनवीर सिंह की एक वर्षीय पुत्री शिवांगी को सोमवार की रात बुखार से पीड़ित होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार बच्ची की हालत तीन दिन से खराब थी वे एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। इसके अतिरिक्त मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। इमरजेंसी में 21 मरीज भर्ती कराए गए, जिससे बेड कम पड़ गए। मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कराया गया तब कहीं जाकर अन्य मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था हो सकी।
विज्ञापन
मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियों के कहर पर यदि नजर डाली जाए तो सात दिन में सात मरीजों की मौत हो गई है। इसके बाद भी विभाग अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार सात जुलाई को एक, आठ जुलाई को दो, 10 जुलाई को एक, 12 जुलाई को एक तथा 13 जुलाई को दो मरीजों की मौत हुई। लेकिन इसके बाद भी विभाग ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं।