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प्रसव पीड़ा से कराह रही थी महिला, डॉक्टर नदारद
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:37 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। महिला जिला अस्पताल के लिए कमिश्नर, डीएम और एडीएम के निरीक्षण अप्रभावी हो गए हैं। यहां अनेक निरीक्षण के बाद भी चिकित्सकों पर कोई असर नहीं है। गुरुवार को एक बार फिर आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचे एडीएम को नौ बजे तक न चिकित्सक मिले न कर्मचारी। यहां तक कि चिकित्सकों का मरीज इंतजार कर रहे थे। छाता से आई उर्मिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं था।
गुरुवार को अचानक प्रात: 8:10 बजे महिला जिला अस्पताल पहुंचे एडीएम वित्त रवींद्र कुमार को सीएमएस कार्यालय पर ताला लटका मिला। उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करने से ज्ञात हुआ कि 26 चिकित्सक और कर्मचारी अभी तक ड्यूटी पर नहीं आए थे। सवा घंटे से अधिक के निरीक्षण उपरांत भी सिर्फ दो चिकित्सकों की मौजूदगी हो सकी।
निरीक्षण दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी मिली। तहसील छाता के गांव स्यारहा से आई उर्मिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। चिकित्सक, स्टाफ नहीं था। औषधि वितरण कक्ष, जेएसवाई कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिले। एसएनसीयू आया के सहारे था। वार्ड में मरीजों ने बताया कि उन्हें गत दिवस कोई चिकित्सक देखने नहीं आया।
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एडीएम ने अपनी रिपोर्ट में सीएमएस डॉ. बी लाल सहित सभी 26 चिकित्सक और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की है। कहा है कि व्यवस्थाएं नियंत्रण में सीएमएस असफल हो रहे हैं। उनका कोई नियंत्रण नहीं है।
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गुरुवार को अचानक प्रात: 8:10 बजे महिला जिला अस्पताल पहुंचे एडीएम वित्त रवींद्र कुमार को सीएमएस कार्यालय पर ताला लटका मिला। उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करने से ज्ञात हुआ कि 26 चिकित्सक और कर्मचारी अभी तक ड्यूटी पर नहीं आए थे। सवा घंटे से अधिक के निरीक्षण उपरांत भी सिर्फ दो चिकित्सकों की मौजूदगी हो सकी।
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निरीक्षण दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी मिली। तहसील छाता के गांव स्यारहा से आई उर्मिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। चिकित्सक, स्टाफ नहीं था। औषधि वितरण कक्ष, जेएसवाई कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिले। एसएनसीयू आया के सहारे था। वार्ड में मरीजों ने बताया कि उन्हें गत दिवस कोई चिकित्सक देखने नहीं आया।
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एडीएम ने अपनी रिपोर्ट में सीएमएस डॉ. बी लाल सहित सभी 26 चिकित्सक और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की है। कहा है कि व्यवस्थाएं नियंत्रण में सीएमएस असफल हो रहे हैं। उनका कोई नियंत्रण नहीं है।