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जब खा रहे मिलावटी सरसों का तेल तो कैसे रुकेगा ड्रॉप्सी रोग

Wed, 30 May 2018 11:10 PM IST
Updated Wed, 30 May 2018 11:10 PM IST
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जब खा रहे मिलावटी सरसों का  तेल तो कैसे रुकेगा ड्रॉप्सी रोग
cooking oil
कासगंज।
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प्रदेश में ड्राप्सी रोग फैलने की संभावना को देखते हुए शासन से मिले दिशा निर्देश के बाद जनपद का खाद्य संरक्षा विभाग हरकत में आ गया है, लेकिन पिछले आंकड़े बताते हैं कि जनपद में मिलावटी सरसों के तेल की बिक्री हो रही है। यदि यह रोग फेला तो स्वास्थ्य विभाग उपचार नहीं दे पाएगा। विभाग के पास रोग की जांच तक के इंतजाम नहीं है।
जिले में सरसों का मिलावटी तेल खुले आम बिक रहा है। मिलावट खोर लोगों के स्वास्थ्य की भी परवाह नहीं कर रहे। वर्ष 2017-18 में खाद्य संरक्षा विभाग ने सरसों के तेल के 13 नमून भरे, जिनमें से 4 नमूने फेल हो गए। ऐसे में मिलावटी तेल के सेवन से ड्राप्सी रोग फेलने से इंकार नहीं किया जा सकता। शासन से एलर्ट जारी होने के बाद खाद्य संरक्षा विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग ने दुकानों से सैंपल भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एक दुकान का सैंपल भरकर जांच को भेजा जा चुका है। टीम को अन्य दुकानों से सैंपल लेने के लिए सक्रिय कर दिया गया है, जिससे मिलावट खोर कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सके।
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कब होता है ड्रॉप्सी रोग
कासगंज। ड्रॉप्सी रोग सरसों के तेल में अर्जीमोन तेल के मिलावट ,सायनायड के मिलावट या उजला रंग करने वाली मिलावट के कारण होता है।
ड्रॉप्सी रोग के क्या हैं लक्षण
कासगंज। मिलावटी सरसों का तेल प्रयोग करने से मनुष्य के जिगर, पित्ताशय, गुर्दे, हृदय आदि अंग कमजोर हो जाते हैं। मनुष्य को साधारण पानी भी नहीं पचता। उसके शरीर में दूषित पानी जमा हो जाता है और पेट फूलने लगता है। मनुष्य के हाथ पैर व मुंह में सूजन आ जाती है। मनुष्य को बुखार भी आ सकता है।
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शासन ने ड्रॉप्सी रोग फैलने की संभावना को देखते हुए एलर्ट जारी किया है। इसके बाद विभाग ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले वित्तीय वर्ष में सरसों के तेल के 13 नमूने लिए गए थे। इनमें से 4 नमूने फेल हो गए। दो आरोपियों से 47000 रुपये का जुर्माना लगाकर बसूला जा चुका है। जबकि दो मामले अभी न्यायालय में लंबित चल रहे है।

नादिर अली मुख्य खाद्यय संरक्षा अधिकारी
डॉप्सी काफी खतरनाक बीमारी है। इससे मनुष्य को पेरालाइसेस होने का खतरा भी पैदा हो जाता है। यदि किसी मनुष्य में ड्राप्सी के लक्षण सामने आते है तो उसकें सेपल जॉंच के लिए बाहर भेजे जाते हैं। डा. रंगजी दुबे सीएमओ

एक साल में 136 में से 57 नमूने हो गए फेल
कासगंज। जनपद में खाद्य पदाथों में जमकर मिलावट हो रही है। वर्ष 2017-18 में खाद्य संरक्षण विभाग ने 136 नमूने लिए गए। जिनमें से 57 नमूने फेल हो गए।
खाद्य पदार्थ नमूने फेल नमूने
दूध 52 27
तेल 13 4
मिष्ठान 14 6
ब्रेकरी विस्किट 4 2
दाल 5 1
मसाले 5 1
अन्य 43 12
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