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जिला अस्पताल में फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने में लूट
Updated Wed, 02 May 2018 10:55 PM IST
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जिला अस्पताल में फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने में लूट
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वालों का फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने में जिला अस्पताल में बुधवार को जमकर अभ्यर्थियों से लूट होती रही। किसी भी अभ्यर्थी को मांगने पर भी रसीद नहीं दी गई। जिसका एक वीडियो बुधवार की सुबह ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बीटीसी प्रशिक्षुओं के लिए शासन ने 12460 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। शिक्षकों को आवेदन के साथ स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी लगाना आवश्यक था। बुधवार सुबह से ही जिला अस्पताल में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने वालों की कतार लगी रही। बीटीसी प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह से ही चिकित्सा कर्मियों ने लूट-खसोट की मनमाने तरीके से वसूली की जाने लगी। जिसका किसी अभ्यर्थी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
निर्धारित फीस 68 रुपये ली जा रही है जिसकी रसीद भी काटी जा रही है। जबकि मामला इसका उलट हो रहा था। अभ्यर्थियों से फीस के नाम पर अलग-अलग धनराशि ली जा रही थी। किसी भी बीटीसी प्रशिक्षु को रसीद काटकर नहीं दी गई। हां, रसीद काटी गई वह अपने पास रख ली गई अभ्यर्थी को यही नहीं पता था कि सरकारी फीस क्या है।
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- एसके मजूमदार, सीएमएस
रसदी की मूल कॉपी रही विभाग के पास
प्रमाण पत्र टीम में शामिल चेतन देव शर्मा नेत्र परीक्षण अधिकारी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने मूल कॉपी दिखाई, मूल कॉपी के पूछने पर कोई जवाब नहीं दे सके। इस टीम में महिला कर्मचारी योगेश वार्ष्णेय, बृजेश दुबे से भी पूछा गया तो कोई भी रसीद के बारे में जानकारी नहीं दे सका। कुछ रसीद दिखावे के लिए 68 रुपये की काटकर रख ली गई थी।
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शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वालों का फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने में जिला अस्पताल में बुधवार को जमकर अभ्यर्थियों से लूट होती रही। किसी भी अभ्यर्थी को मांगने पर भी रसीद नहीं दी गई। जिसका एक वीडियो बुधवार की सुबह ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बीटीसी प्रशिक्षुओं के लिए शासन ने 12460 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। शिक्षकों को आवेदन के साथ स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी लगाना आवश्यक था। बुधवार सुबह से ही जिला अस्पताल में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने वालों की कतार लगी रही। बीटीसी प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह से ही चिकित्सा कर्मियों ने लूट-खसोट की मनमाने तरीके से वसूली की जाने लगी। जिसका किसी अभ्यर्थी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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निर्धारित फीस 68 रुपये ली जा रही है जिसकी रसीद भी काटी जा रही है। जबकि मामला इसका उलट हो रहा था। अभ्यर्थियों से फीस के नाम पर अलग-अलग धनराशि ली जा रही थी। किसी भी बीटीसी प्रशिक्षु को रसीद काटकर नहीं दी गई। हां, रसीद काटी गई वह अपने पास रख ली गई अभ्यर्थी को यही नहीं पता था कि सरकारी फीस क्या है।
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- एसके मजूमदार, सीएमएस
रसदी की मूल कॉपी रही विभाग के पास
प्रमाण पत्र टीम में शामिल चेतन देव शर्मा नेत्र परीक्षण अधिकारी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने मूल कॉपी दिखाई, मूल कॉपी के पूछने पर कोई जवाब नहीं दे सके। इस टीम में महिला कर्मचारी योगेश वार्ष्णेय, बृजेश दुबे से भी पूछा गया तो कोई भी रसीद के बारे में जानकारी नहीं दे सका। कुछ रसीद दिखावे के लिए 68 रुपये की काटकर रख ली गई थी।