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एटीएम हैक कर धोखाधड़ी करने वाले दो दबोचे
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:29 PM IST
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cyber crime
- फोटो : demo pic
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कासगंज। सोरों कोतवाली पुलिस ने एटीएम हैक कर धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है जबकि तीन फरार हैं।। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से तीन लाख की नकदी, एक स्कॉर्पियो कार, नशीला पाउडर और पांच एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। शातिर बदमाश प्रदेश में अलग अलग स्थानों पर गाड़ी से चलते हुए धोखाधड़ी की वारदात करते थे।
पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने एटीएम हैक कर धोखाधड़ी करने के मामले के संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोरों के कोतवाली निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र एवं कोतवाली पुलिस के अन्य सदस्यों के साथ चेकिंग के दौरान नगला खंजी मोड़ पर स्कॉर्पियो कार से जाते हुए एटीएम हैक करने वाले आरोपी अजय कुमार उर्फ बबलू यादव निवासी प्रहलादपुर थाना सोरों एवं सनी निवासी मोहल्ला कटरामठ को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया।
थाने ले जाकर गाड़ी की तलाशी ली एवं पूछताछ की तो एटीएम से धोखाधड़ी के मामले खुले। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के पास से 1 किलो 600 ग्राम नशीला पाउडर, 5 एटीएम कार्ड, 3 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की।
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पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में तीन दिन पूर्व फर्रुखाबाद में 74 हजार की एटीएम से धोखाधड़ी की जानकारी दी। बताया गया कि दोनों ही शातिर एटा, मैनपुरी, इटावा, कानपुर, औरेया, अलीगढ़ सहित अन्य इलाकों में गाड़ी से जाते हुए एटीएम मशीनों में लोगों को झांसा देकर एटीएम कार्ड बदलकर व मशीन को हैक करके रुपया निकालते थे। बताया गया कि दोनों की शातिर बदमाश संगठित गिरोह संचालित करते हैं। उनके साथी अन्य जेलों में बंद हैं। तीन आरोपी विपिन, दुर्गेश एवं अवधेश फरार हैं।
ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
कासगंज। अजय एंव सनी ने बताया कि वह ज्यादातर इंडस, इंडिकेस, इंडियावन, यूनाईटेड बैंक के एटीएम कार्डधारकों को निशाना बनाते हैं। जो लोग एटीएम का ऑपरेशन नहीं जानते उन लोगों को झांसे में लेकर उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे और उनके एटीएम कोड की जानकारी कर लेते थे। कार्डधारक का ध्यान भटकाकर एटीएम में इनकरैक्ट का बटन दबाने पर कैश नहीं निकलता था। एटीएम 10 सेकेंड का अतिरिक्त समय इनकरेक्ट होने पर देता है जैसे ही कार्डधारक व्यक्ति एटीएम से हटता था तभी एटीएम का करैक्ट बटन दबाकर रुपये निकालकर चले जाते हैं।
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पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने एटीएम हैक कर धोखाधड़ी करने के मामले के संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोरों के कोतवाली निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र एवं कोतवाली पुलिस के अन्य सदस्यों के साथ चेकिंग के दौरान नगला खंजी मोड़ पर स्कॉर्पियो कार से जाते हुए एटीएम हैक करने वाले आरोपी अजय कुमार उर्फ बबलू यादव निवासी प्रहलादपुर थाना सोरों एवं सनी निवासी मोहल्ला कटरामठ को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया।
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थाने ले जाकर गाड़ी की तलाशी ली एवं पूछताछ की तो एटीएम से धोखाधड़ी के मामले खुले। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के पास से 1 किलो 600 ग्राम नशीला पाउडर, 5 एटीएम कार्ड, 3 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की।
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पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में तीन दिन पूर्व फर्रुखाबाद में 74 हजार की एटीएम से धोखाधड़ी की जानकारी दी। बताया गया कि दोनों ही शातिर एटा, मैनपुरी, इटावा, कानपुर, औरेया, अलीगढ़ सहित अन्य इलाकों में गाड़ी से जाते हुए एटीएम मशीनों में लोगों को झांसा देकर एटीएम कार्ड बदलकर व मशीन को हैक करके रुपया निकालते थे। बताया गया कि दोनों की शातिर बदमाश संगठित गिरोह संचालित करते हैं। उनके साथी अन्य जेलों में बंद हैं। तीन आरोपी विपिन, दुर्गेश एवं अवधेश फरार हैं।
ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
कासगंज। अजय एंव सनी ने बताया कि वह ज्यादातर इंडस, इंडिकेस, इंडियावन, यूनाईटेड बैंक के एटीएम कार्डधारकों को निशाना बनाते हैं। जो लोग एटीएम का ऑपरेशन नहीं जानते उन लोगों को झांसे में लेकर उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे और उनके एटीएम कोड की जानकारी कर लेते थे। कार्डधारक का ध्यान भटकाकर एटीएम में इनकरैक्ट का बटन दबाने पर कैश नहीं निकलता था। एटीएम 10 सेकेंड का अतिरिक्त समय इनकरेक्ट होने पर देता है जैसे ही कार्डधारक व्यक्ति एटीएम से हटता था तभी एटीएम का करैक्ट बटन दबाकर रुपये निकालकर चले जाते हैं।