फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   गरीब बच्चों की शिक्षा पर अव्यवस् था का ग्रहण

गरीब बच्चों की शिक्षा पर अव्यवस् था का ग्रहण

Sun, 19 Nov 2017 11:26 PM IST
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
गरीब बच्चों की शिक्षा पर अव्यवस्
था का ग्रहण
फिरोजाबाद। गरीब परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाने का सपना सरकार ने दिखाया। तमाम झंझटों के बाद करीब 700 बच्चों के प्रवेश को हरी झंडी दी गई। अब वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन बच्चों की अभीतक फीस, कॉपी-किताबों और यूनीफार्म का इंतजाम हो नहीं सका है। विभाग से धनराशि नहीं भेजी जा सकी। विभाग को यह भी नहीं पता कि कितने बच्चे विद्यालय जा रहे हैं।
विज्ञापन


शिक्षा का अधिकार अधिनियम में अलाभित समूह और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चों का निजी विद्यालयों की 25 फीसद सीटों पर प्रवेश होना था। शासन स्तर से जोर दिया गया, तमाम इंतजाम किए गए। आनलाइन प्रार्थना पत्र लिए गए। सैकड़ों बच्चों ने आवेदन किए थे, जांच पर जांच हुई और फिर अंत में 700 बच्चों के प्रवेश को हरी झंडी दी गई।
विज्ञापन


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बच्चों की सूची विद्यालयों को भेज दी गई। बच्चों के अभिभावकों के खातों में पांच हजार रुपये जाने थे। ताकि वे कॉपी-किताब और स्कूल ड्रेस खरीद सकें। विभाग ने बच्चों की सूची भेजकर इतिश्री कर ली। अब यह तक नहीं पता कि कितने बच्चों ने प्रवेश लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


खास बात यह है कि नवंबर समाप्त होने वाला है। निजी विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई आधे से ज्यादा हो गई, लेकिन अभी इन बच्चों की नहीं फीस भेजी गई और न ही कॉपी-किताबों का इंतजाम हो सका। ऐसे में बच्चों के अंदर हीनता आ रही है।


देखा जाए तो इन मासूमों की किस्मत पर बदकिस्मती का ताला पड़ गया है। जिला समन्वयक केपी सिंह ने बताया कि स्कूलों से सूचनाएं मांगी जा रही है कि कितने दाखिले किए गए। सूचना आते ही धनराशि खातें में भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed