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जिले की 70 प्रतिशत सड़कें काजगों में हो गईं गड्ढा मुक्त
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:51 PM IST
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एटा। योगी सरकार का सड़कों को गड्ढा मुक्त अभियान 15 जून तक किसी भी कीमत पर पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। विभागीय अधिकारियों ने जिले में 70 प्रतिशत सड़कें गड्ढा मुक्त होने का दावा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जबकि हकीकत कुछ और है।
जिले में अभी बहुत सी सड़कें ऐसी हैं जिन पर काम शुरू ही नहीं हुआ है, राहगीर परेशान हैं। विभागीय अधिकारी शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण कई मार्गों पर अभियान शुरू नहीं होना बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अफसरों की इसी लापरवाही के कारण योगी सरकार का गड्ढामुक्त अभियान जिले में 15 जून तक 50 प्रतिशत भी पूरा होता नहीं दिख रहा।
पीडब्लूडी अफसरों की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक जिले में मरम्मत का लक्ष्य 443.6 किलोमीटर में से 389 किलोमीटर, सामान्य मरम्मत 301 किलोमीटर में से 160 किलोमीटर, विशेष मरम्मत की 103.36 किलोमीटर में से 18 किलोमीटर सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकीं हैं।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुल लक्ष्य की लगभग 70 प्रतिशत सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकीं हैं। जिले में 15 जून तक पीडब्लूडी ठेकेदारों के लिए 413 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की चुनौती है। जबकि हकीकत यह है कि जिले की 50 प्रतिशत सड़कें जर्जर हाल में हैं।
कई सड़कों पर कार्य शुरू भी नहीं किया गया है। पीडब्लूडी एक्सईएन सीपी सिंह ने माना कि विशेष मरम्मत और नवीनीकरण का काम 15 जून तक पूरा नहीं होगा। सिर्फ मरम्मत का काम ही 15 जून तक पूरा होगा। एक्सईएन ने कहा कि गड्ढामुक्त अभियान पूरा न होने में बारिश, एई, जेई का धरने पर बैठना एक बड़ी वजह है।
पीडब्लूडी अधिकारियों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि जिले में 35 किलोमीटर सड़कों को रोज गड्ढा मुक्त करने पर 15 जून तक लक्ष्य पूरा हो सकता है। जबकि रोजाना सिर्फ पांच किलोमीटर की रफ्तार से काम हो रहा है। यानी जिले में लक्ष्य के सापेक्ष अभियान सात गुना पीछे चल रहा है।
अब तक पांच सड़कों की स्वीकृति ही नहीं
जिले में पांच सड़कें ऐसी हैं जिन पर अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है। ये ऐसी सड़कें हैं जो पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इनमें गंजडुंडवारा मार्ग प्रमुख है। पीडब्लूडी एक्सईएन सीपी सिंह ने कहा 20 किलोमीटर लंबे पांच मार्गों का प्रस्ताव लेट भेजा था, स्वीकृति नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हुआ है।
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जिले में अभी बहुत सी सड़कें ऐसी हैं जिन पर काम शुरू ही नहीं हुआ है, राहगीर परेशान हैं। विभागीय अधिकारी शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण कई मार्गों पर अभियान शुरू नहीं होना बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अफसरों की इसी लापरवाही के कारण योगी सरकार का गड्ढामुक्त अभियान जिले में 15 जून तक 50 प्रतिशत भी पूरा होता नहीं दिख रहा।
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पीडब्लूडी अफसरों की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक जिले में मरम्मत का लक्ष्य 443.6 किलोमीटर में से 389 किलोमीटर, सामान्य मरम्मत 301 किलोमीटर में से 160 किलोमीटर, विशेष मरम्मत की 103.36 किलोमीटर में से 18 किलोमीटर सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकीं हैं।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुल लक्ष्य की लगभग 70 प्रतिशत सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकीं हैं। जिले में 15 जून तक पीडब्लूडी ठेकेदारों के लिए 413 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की चुनौती है। जबकि हकीकत यह है कि जिले की 50 प्रतिशत सड़कें जर्जर हाल में हैं।
कई सड़कों पर कार्य शुरू भी नहीं किया गया है। पीडब्लूडी एक्सईएन सीपी सिंह ने माना कि विशेष मरम्मत और नवीनीकरण का काम 15 जून तक पूरा नहीं होगा। सिर्फ मरम्मत का काम ही 15 जून तक पूरा होगा। एक्सईएन ने कहा कि गड्ढामुक्त अभियान पूरा न होने में बारिश, एई, जेई का धरने पर बैठना एक बड़ी वजह है।
पीडब्लूडी अधिकारियों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि जिले में 35 किलोमीटर सड़कों को रोज गड्ढा मुक्त करने पर 15 जून तक लक्ष्य पूरा हो सकता है। जबकि रोजाना सिर्फ पांच किलोमीटर की रफ्तार से काम हो रहा है। यानी जिले में लक्ष्य के सापेक्ष अभियान सात गुना पीछे चल रहा है।
अब तक पांच सड़कों की स्वीकृति ही नहीं
जिले में पांच सड़कें ऐसी हैं जिन पर अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है। ये ऐसी सड़कें हैं जो पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इनमें गंजडुंडवारा मार्ग प्रमुख है। पीडब्लूडी एक्सईएन सीपी सिंह ने कहा 20 किलोमीटर लंबे पांच मार्गों का प्रस्ताव लेट भेजा था, स्वीकृति नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हुआ है।