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जो किताबों में नहीं, वो पेपर में आया, उलझे रहे परीक्षार्थी
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:30 PM IST
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फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों में सोमवार से परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। आम दिनों के मुकाबले परीक्षाओं में छात्र संख्या बढ़ गई। जो पाठ इस साल किताबों में नहीं थे, उनसे जुड़े प्रश्न भी पेपर में शामिल कर दिए। वहीं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बच्चों को पेपर देने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैलई के कुछ कमरों में बच्चे अस्त व्यस्त बैठे थे। शिक्षक व्यवस्थित करने में लगे थे। प्राइमरी विद्यालय सैलई के कक्षों में प्रशिक्षु परीक्षाओं की जिम्मेदारी संभाले थे। अन्य सभी विद्यालयों में परीक्षा कराई गई।
पहले दिन हिंदी की परीक्षा कराई गई। जूनियर विद्यालयों में दूसरी पाली में कक्षा चार के पेपर में पिछले साल का पाठ्यक्रम दे दिया गया। जो इस साल किताबों में नहीं है। परीक्षार्थी शिक्षकों से शिकायत करते देखे गए। अंग्रेजी माध्यम स्कूल इस साल खुले हैं। मगर किताबें एक माह पूर्व आई थीं। किताबों के दो से तीन पाठ हल कराए गए हैं। किंतु अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आधा कोर्स आया था। ऐसे में परीक्षार्थियों को पेपर हल करने में कठिनाईयां हुईं।
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बीएसए अरविंद पाठक ने कहा कि शिक्षक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षाएं कराएं। अनुशासन बनाए रखें। बच्चों को भी परीक्षा का माहौल लगे। जिससे वह तैयारी करके आएं।
जूनियर विद्यालय में द्वितीय पाली में विज्ञान की परीक्षा का आयोजन होना था। मगर पेपर सुबह 11 बजे शहरी संसाधन केंद्र से वितरित हो सके। एक बार तो शिक्षकों को लगा कि पेपर आगे बढ़ाया जाएगा। मगर दोपहर में पेपर वितरित कर दिए गए।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैलई के कुछ कमरों में बच्चे अस्त व्यस्त बैठे थे। शिक्षक व्यवस्थित करने में लगे थे। प्राइमरी विद्यालय सैलई के कक्षों में प्रशिक्षु परीक्षाओं की जिम्मेदारी संभाले थे। अन्य सभी विद्यालयों में परीक्षा कराई गई।
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पहले दिन हिंदी की परीक्षा कराई गई। जूनियर विद्यालयों में दूसरी पाली में कक्षा चार के पेपर में पिछले साल का पाठ्यक्रम दे दिया गया। जो इस साल किताबों में नहीं है। परीक्षार्थी शिक्षकों से शिकायत करते देखे गए। अंग्रेजी माध्यम स्कूल इस साल खुले हैं। मगर किताबें एक माह पूर्व आई थीं। किताबों के दो से तीन पाठ हल कराए गए हैं। किंतु अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आधा कोर्स आया था। ऐसे में परीक्षार्थियों को पेपर हल करने में कठिनाईयां हुईं।
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बीएसए अरविंद पाठक ने कहा कि शिक्षक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षाएं कराएं। अनुशासन बनाए रखें। बच्चों को भी परीक्षा का माहौल लगे। जिससे वह तैयारी करके आएं।
जूनियर विद्यालय में द्वितीय पाली में विज्ञान की परीक्षा का आयोजन होना था। मगर पेपर सुबह 11 बजे शहरी संसाधन केंद्र से वितरित हो सके। एक बार तो शिक्षकों को लगा कि पेपर आगे बढ़ाया जाएगा। मगर दोपहर में पेपर वितरित कर दिए गए।