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70 बैंक शाखाओं पर लटके रहे ताले
Updated Wed, 30 May 2018 11:08 PM IST
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70 बैंक शाखाओं पर लटके रहे ताले
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले की 70 बैंक शाखाएं बुधवार को हड़ताल के कारण बंद रहीं। इस दौरान 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को नकदी संकट का सामना करना पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
केनरा बैैंक मुख्य शाखा पर यूनियन के उपाध्यक्ष जेपी गौड़ ने कहा कि सरकार ने चार साल तक बैंक कर्मियों से जी तोड़ परिश्रम कराया, लेकिन वेतन वृद्धि के नाम पर धोखा दिया। स्टेट बैंक इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय सचिव धर्मेंद्र चंदवरिया ने कहा कि आईबीए द्वारा दो फीसदी की बढ़ोतरी की पेशकश कर्मचारियों के साथ अन्याय है। स्टेट बैंक के कृपाल यादव ने वेतन समझौता शीघ्र करने की मांग की।
कर्मचारियों ने मांग पत्र को हल करने में आईबीए के विलंब का, कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण में सरकार के उदासीन दृष्टिकोण का, वेतन वृद्धि के वेतन बिल में आईबीए के दो फीसद वृद्धि के प्रस्ताव और बैंकों द्वारा स्केल थ्री के अधिकारियों तक दिए गए आंशिक अधिकार पत्र का विरोध किया। साथ ही त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता, वेतन में पर्याप्त वृद्धि और अन्य सेवा शर्तों में सुधार और स्केल सात तक के अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण समझौते की मांग की। वीके चतुर्वेदी, रत्नेश रत्न, डा. राकेश, बलवीर, अंकुर जैन, प्रभात कुमार, प्रमोद पचौरी, महेश चंद्र, रवींद्र, रामबाबू, नरेश दिवाकर, प्रतीक, अंकित, प्रभात, पीके सिंह, दिनेश, हरीश, मान सिंह, रामप्रकाश, रामगोपाल, चंद्रशेखर, कालीचरन, अमित, अविनाश, सुंदरलाल, आशीष, राजीव मौजूद रहे।
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मायूस होकर लौटे उपभोक्ता
हड़ताल की जानकारी नहीं होने से लोग बैंकों में आर्थिक लेन-देन को पहुंचे। इस दौरान शाखाओं पर ताले देखकर उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
एटीएम भी पड़े रहे ठप
बैंक हड़ताल के चलते एटीएम भी ठप नजर आए। शहर के जीटी रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर कतारें लगी रहीं। वहीं अन्य एटीएम पर ताले लटके रहे। जिसके चलते लोग नकदी निकासी के लिए परेशान रहे।
प्राइवेट बैंक में हुआ काम
हड़ताल का असर केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों पर दिखा। शहर में प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, आईडीबीआई, एक्सिस बैंक, यस बैंक, ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों ने काम किया।
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केनरा बैैंक मुख्य शाखा पर यूनियन के उपाध्यक्ष जेपी गौड़ ने कहा कि सरकार ने चार साल तक बैंक कर्मियों से जी तोड़ परिश्रम कराया, लेकिन वेतन वृद्धि के नाम पर धोखा दिया। स्टेट बैंक इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय सचिव धर्मेंद्र चंदवरिया ने कहा कि आईबीए द्वारा दो फीसदी की बढ़ोतरी की पेशकश कर्मचारियों के साथ अन्याय है। स्टेट बैंक के कृपाल यादव ने वेतन समझौता शीघ्र करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने मांग पत्र को हल करने में आईबीए के विलंब का, कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण में सरकार के उदासीन दृष्टिकोण का, वेतन वृद्धि के वेतन बिल में आईबीए के दो फीसद वृद्धि के प्रस्ताव और बैंकों द्वारा स्केल थ्री के अधिकारियों तक दिए गए आंशिक अधिकार पत्र का विरोध किया। साथ ही त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता, वेतन में पर्याप्त वृद्धि और अन्य सेवा शर्तों में सुधार और स्केल सात तक के अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण समझौते की मांग की। वीके चतुर्वेदी, रत्नेश रत्न, डा. राकेश, बलवीर, अंकुर जैन, प्रभात कुमार, प्रमोद पचौरी, महेश चंद्र, रवींद्र, रामबाबू, नरेश दिवाकर, प्रतीक, अंकित, प्रभात, पीके सिंह, दिनेश, हरीश, मान सिंह, रामप्रकाश, रामगोपाल, चंद्रशेखर, कालीचरन, अमित, अविनाश, सुंदरलाल, आशीष, राजीव मौजूद रहे।
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मायूस होकर लौटे उपभोक्ता
हड़ताल की जानकारी नहीं होने से लोग बैंकों में आर्थिक लेन-देन को पहुंचे। इस दौरान शाखाओं पर ताले देखकर उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
एटीएम भी पड़े रहे ठप
बैंक हड़ताल के चलते एटीएम भी ठप नजर आए। शहर के जीटी रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर कतारें लगी रहीं। वहीं अन्य एटीएम पर ताले लटके रहे। जिसके चलते लोग नकदी निकासी के लिए परेशान रहे।
प्राइवेट बैंक में हुआ काम
हड़ताल का असर केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों पर दिखा। शहर में प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, आईडीबीआई, एक्सिस बैंक, यस बैंक, ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों ने काम किया।