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चीरघाट पर यमुना में नहा रहे आठ श्रद्धालु डूबे
Updated Thu, 24 May 2018 08:29 PM IST
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यमुना में डूब रही लड़की को बचाकर लाता केवट।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। महाराष्ट्र के नागपुर से वृंदावन मंदिरों के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का एक दल हादसे का शिकार हो गया। इनमें यमुना में नहाते समय आठ लोग यमुना में डूब गए। जिन्हें वहां मौजूद केवटों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया।
महाराष्ट्र के नागपुर से श्रद्धालुओं का दल बुधवार को अधिक मास में वृंदावन के मंदिरों के दर्शन के लिए आया था। दल के सदस्य मनोहर सिंह राउत, पुरुषोत्तम राउत, ऊषा, रोशनी, काकुली, सौरभ खोरगड़े, आदेश और गणेश पांडेय आदि लोग बुधवार की दोपहर यमुना के चीरघाट पर यमुना में स्नान कर रहे थे।
सभी ने एक दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। इसी बीच सभी लोग एकाएक गहरे पानी में चले गए और पैर फिसलने से डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर अपनी नावों में बैठे केवट जमुना निषाद, दाऊ, अनिल आदि ने यमुना में छलांग लगा दी। केवटों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी को किनारे पहुंचाया।
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यमुना में डूबने के कारण रोशनी (14) और ऊषा (30) के पेट में पानी चला गया और वे दोनों बेहोश हो गईं। यह देख आस पास के लोग भी उनकी मदद के लिए आए और सभी लोगों को उपचार दिया। कुछ देर के बाद दोनों होश में आ गया। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दल के साथ आए नागेश्वर राव ने केवटों के सहयोग की सराहना की, वहीं नगर निगम के द्वारा यमुना किनारे व्यवस्था न किए जाने पर नाराजगी भी जताई।
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महाराष्ट्र के नागपुर से श्रद्धालुओं का दल बुधवार को अधिक मास में वृंदावन के मंदिरों के दर्शन के लिए आया था। दल के सदस्य मनोहर सिंह राउत, पुरुषोत्तम राउत, ऊषा, रोशनी, काकुली, सौरभ खोरगड़े, आदेश और गणेश पांडेय आदि लोग बुधवार की दोपहर यमुना के चीरघाट पर यमुना में स्नान कर रहे थे।
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सभी ने एक दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। इसी बीच सभी लोग एकाएक गहरे पानी में चले गए और पैर फिसलने से डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर अपनी नावों में बैठे केवट जमुना निषाद, दाऊ, अनिल आदि ने यमुना में छलांग लगा दी। केवटों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी को किनारे पहुंचाया।
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यमुना में डूबने के कारण रोशनी (14) और ऊषा (30) के पेट में पानी चला गया और वे दोनों बेहोश हो गईं। यह देख आस पास के लोग भी उनकी मदद के लिए आए और सभी लोगों को उपचार दिया। कुछ देर के बाद दोनों होश में आ गया। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दल के साथ आए नागेश्वर राव ने केवटों के सहयोग की सराहना की, वहीं नगर निगम के द्वारा यमुना किनारे व्यवस्था न किए जाने पर नाराजगी भी जताई।