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अब आवासीय स्कूल के बच्चों में भी बुखार का कहर
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:47 PM IST
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मैनपुरी। जिले में वायरल फीवर का जानलेवा कहर जारी है। पीड़ित मरीजों की घर-घर चारपाइयां बिछी हैं। वहीं अब आवासीय स्कूल के बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। दो स्कूल के दर्जनों बच्चों को बुखार आने पर उन्हें जिला अस्पताल लाकर डॉक्टरों से दिखाकर दवा दिलाई गई है। वहीं बुखार के कारण कई दिनों से बुखार डांडा गांव की एक बालिका की शुक्रवार की रात जिला अस्पताल में मौत हो गई।
मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच जिले में सर्दी-जुकाम, अन्य संक्रामक बीमारियों के बीच वायरल फीवर तेजी से पांव पसार रहा है। शायद ही जिले का ऐसा कोई गांव हो, जहां के लोग इसकी चपेट में न हों। वहीं कई परिवार तो ऐसे हैं, जहां के कई सदस्य बुखार से चारपाई पकड़े हैं। गांव से लेकर शहर तक के सभी सरकार और निजी अस्पतालों में इन दिनों वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की ही भीड़ दिखती है।
इसकी जद में अब आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चे भी आने लगे हैं। नगर स्थित एक आवासीय कालेज के एक दर्जन से अधिक बच्चों को वायरल फीवर की चपेट में आने पर जिला अस्पताल में उपचार दिलाया गया था। वहीं भोेगांव रोड स्थित एक आवासीय कालेज में भी वायरल फीवर से दर्जनों बच्चे चपेट में आ गए हैं।
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इन बच्चों को शुक्रवार की रात देवी रोड स्थित एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार दिलाया गया। उधर, औंछा क्षेत्र के गांव डांडा निवासी राकेश कुमार की पुत्री लक्ष्मी (10) तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच जिले में सर्दी-जुकाम, अन्य संक्रामक बीमारियों के बीच वायरल फीवर तेजी से पांव पसार रहा है। शायद ही जिले का ऐसा कोई गांव हो, जहां के लोग इसकी चपेट में न हों। वहीं कई परिवार तो ऐसे हैं, जहां के कई सदस्य बुखार से चारपाई पकड़े हैं। गांव से लेकर शहर तक के सभी सरकार और निजी अस्पतालों में इन दिनों वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की ही भीड़ दिखती है।
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इसकी जद में अब आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चे भी आने लगे हैं। नगर स्थित एक आवासीय कालेज के एक दर्जन से अधिक बच्चों को वायरल फीवर की चपेट में आने पर जिला अस्पताल में उपचार दिलाया गया था। वहीं भोेगांव रोड स्थित एक आवासीय कालेज में भी वायरल फीवर से दर्जनों बच्चे चपेट में आ गए हैं।
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इन बच्चों को शुक्रवार की रात देवी रोड स्थित एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार दिलाया गया। उधर, औंछा क्षेत्र के गांव डांडा निवासी राकेश कुमार की पुत्री लक्ष्मी (10) तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।