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12 बीघा जमीन से ढहा दिया दबंगों का ‘किला’
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 31 May 2015 09:41 PM IST
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राजकीय आस्थान की लगभग 12 बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। जमीन पर हुए अवैध निर्माणों को बुल्डोजर से जमींदोज कर दिया। कई घंटे चले अभियान के दौरान कुछ लोगों ने विरोध की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस के सामने एक न चली। लोगों के गुस्से और आंसुओं की परवाह किए बगैर दर्जनभर से अधिक निर्माणों को ध्वस्त करने के बाद ही प्रशासन, एडीए और नगरनिगम की संयुक्त टीम ने दम लिया।
शनिवार को देवरी रोड अंतर्गत उखर्रा रोड स्थित चक सोयम की नजूल की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध मकान तो कुछ ने दुकान बना ली थीं। कुछ ने बाउंड्री कराकर ही कब्जा कर रखा था। दोपहर बाद लाव-लश्कर सहित अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होेंने जैसे ही बुल्डोजर चालक को अवैध कब्जे ढहाने का निर्देश दिया, कुछ लोग विरोध में उतर आए। फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन के कुछ हिस्से पर दावेदारी की।
मगर, पुलिस बल के सामने उनकी एक न चली। एक के बाद एक, दर्जनभर मकान और दुकान ढहा दिए। कुछ महिलाएं बुल्डोजर के सामने आकर खड़ी हो गईं। उन्होंने जमकर विरोध किया। कहा कि वह वर्षों से यह जमीन उनके कब्जे में हैं। ऐसे में यदि उनके आशियाने उजड़ जाएंगे तो वह कहां जाएंगे। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को हटवा दिया। शाम छह बजे तक चले अभियान के दौरान लगभग 28,850 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर 22 से अधिक लोगों ने कब्जे कर रखे थे। इस दौरान एसीएम चतुर्थ एमपी सिंह, एसडीएम सदर पी दिनेश, सीओ सदर असीम चौधरी, उप सचिव, एडीए जगदीश यादव आदि अधिकारी मौजूद थे।
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देर से शुरू हुआ अभियान
यह अभियान शनिवार सुबह ही शुरू होना था। इसके लिए प्रशासन, नगर निगम और एडीए के अधिकारी सुबह लगभग नौ बजे ही थाना सदर पहुंच गए थे। मगर, राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते उन्हें कार्रवाई के लिए पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो सका। दोपहर बाद तक अधिकारी थाने पर ही बैठे रहे। लगभग तीन बजे के बाद जब राज्यपाल लखनऊ के लिए रवाना हो गए तब अभियान शुरू हो पाया।
वर्षों से दबंगों के कब्जे में थी यह बेशकीमती जमीन
नजूल की इस बेशकीमती जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा था। यह जमीन लोगों को खेती के लिए पट्टे पर दी गई थी। मगर, सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से दबंगों ने इस पर कब्जा ही कर लिया। बाउंड्री तो दूर बहुत से लोगों ने दुकान और मकान तक बना लिए थे। मिलीभगत का ही नतीजा था कि जब अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे तो लोग फर्जी दस्तावेज लेकर उनके सामने आ गए। क्योंकि सरकारी कर्मचारियों की मदद से ही यह फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
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शनिवार को देवरी रोड अंतर्गत उखर्रा रोड स्थित चक सोयम की नजूल की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध मकान तो कुछ ने दुकान बना ली थीं। कुछ ने बाउंड्री कराकर ही कब्जा कर रखा था। दोपहर बाद लाव-लश्कर सहित अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होेंने जैसे ही बुल्डोजर चालक को अवैध कब्जे ढहाने का निर्देश दिया, कुछ लोग विरोध में उतर आए। फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन के कुछ हिस्से पर दावेदारी की।
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मगर, पुलिस बल के सामने उनकी एक न चली। एक के बाद एक, दर्जनभर मकान और दुकान ढहा दिए। कुछ महिलाएं बुल्डोजर के सामने आकर खड़ी हो गईं। उन्होंने जमकर विरोध किया। कहा कि वह वर्षों से यह जमीन उनके कब्जे में हैं। ऐसे में यदि उनके आशियाने उजड़ जाएंगे तो वह कहां जाएंगे। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को हटवा दिया। शाम छह बजे तक चले अभियान के दौरान लगभग 28,850 वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर 22 से अधिक लोगों ने कब्जे कर रखे थे। इस दौरान एसीएम चतुर्थ एमपी सिंह, एसडीएम सदर पी दिनेश, सीओ सदर असीम चौधरी, उप सचिव, एडीए जगदीश यादव आदि अधिकारी मौजूद थे।
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देर से शुरू हुआ अभियान
यह अभियान शनिवार सुबह ही शुरू होना था। इसके लिए प्रशासन, नगर निगम और एडीए के अधिकारी सुबह लगभग नौ बजे ही थाना सदर पहुंच गए थे। मगर, राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते उन्हें कार्रवाई के लिए पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो सका। दोपहर बाद तक अधिकारी थाने पर ही बैठे रहे। लगभग तीन बजे के बाद जब राज्यपाल लखनऊ के लिए रवाना हो गए तब अभियान शुरू हो पाया।
वर्षों से दबंगों के कब्जे में थी यह बेशकीमती जमीन
नजूल की इस बेशकीमती जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा था। यह जमीन लोगों को खेती के लिए पट्टे पर दी गई थी। मगर, सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से दबंगों ने इस पर कब्जा ही कर लिया। बाउंड्री तो दूर बहुत से लोगों ने दुकान और मकान तक बना लिए थे। मिलीभगत का ही नतीजा था कि जब अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे तो लोग फर्जी दस्तावेज लेकर उनके सामने आ गए। क्योंकि सरकारी कर्मचारियों की मदद से ही यह फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।