{"_id":"5c7551d2bdec220c2959ed2f","slug":"11551192530-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरो खोये गयो बाजू बंद रसिया होरी में...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरो खोये गयो बाजू बंद रसिया होरी में...
विज्ञापन
डेमाे
- फोटो : डेमाे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। मेरो खोये गयो बाजू बंद रसिया होरी में... होली रे रसिया बर जोरी रे रसिया जैसे होली के गीतों और रसियाओं का गायन द्वारिकाधीश मंदिर में सुनाई दे रहे हैं। सुबह मंगला के बाद द्वारिकाधीश मंदिर में हो रही गुलाल की होली के साक्षी बनने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का आना लगा हुआ है।
मंगलवार को राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं ने इस दिव्य होली का आनंद लिया। मंदिर में रसियाओं और होली गीतों पर श्रद्धालु नाचने के लिए अपने को रोक नहीं सके। ठाकुरजी के प्रसाद रूपी गुलाल का स्पर्श कर श्रद्धालुओं ने अपने को धन्य माना।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि अभी तक चल रहे रसियाओं के कार्यक्रम में केवल गुलाल का प्रयोग हो रहा है। शीघ्र ही होलिका अष्टक प्रारंभ होने पर मंदिर के सेवायत और पुजारी रंग भरी पिचकारियों से भक्तों पर रंगों की बारिश करेंगे। मंदिर में होली के रंगों का प्रयोग होते ही होली का आनंद भी अपने पूरे चरम पर होगा। मंदिर के अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी, कमला शंकर, ओम प्रकाश गुप्ता, राधारमण, बीएन चतुर्वेदी, बनवारी लाल, राजीव चतुर्वेदी, ब्रजेश चतुर्वेदी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं ने इस दिव्य होली का आनंद लिया। मंदिर में रसियाओं और होली गीतों पर श्रद्धालु नाचने के लिए अपने को रोक नहीं सके। ठाकुरजी के प्रसाद रूपी गुलाल का स्पर्श कर श्रद्धालुओं ने अपने को धन्य माना।
विज्ञापन
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि अभी तक चल रहे रसियाओं के कार्यक्रम में केवल गुलाल का प्रयोग हो रहा है। शीघ्र ही होलिका अष्टक प्रारंभ होने पर मंदिर के सेवायत और पुजारी रंग भरी पिचकारियों से भक्तों पर रंगों की बारिश करेंगे। मंदिर में होली के रंगों का प्रयोग होते ही होली का आनंद भी अपने पूरे चरम पर होगा। मंदिर के अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी, कमला शंकर, ओम प्रकाश गुप्ता, राधारमण, बीएन चतुर्वेदी, बनवारी लाल, राजीव चतुर्वेदी, ब्रजेश चतुर्वेदी मौजूद थे।
विज्ञापन