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अस्थमा, क्षय रोगियों की दिक्कतें बढ़ीं, दो की मौत
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MANDLA HOSPITAL
- फोटो : SELF
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मैनपुरी। सर्दी के बीच जिले में अस्थमा और क्षयरोग के मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। जिला अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि सात अन्य मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की काफी संख्या रही। निमोनियां, बुखार, कोल्ड डायरिया के अतिरिक्त बड़ी संख्या में अस्थमा और क्षयरोग के मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती कराए, जिसमें से सात मरीज अस्थमा और क्षयरोग से पीड़ित थे। क्षयरोग से पीड़ित चार गंभीर मरीजों को क्षयरोग विभाग में भर्ती कराया गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरोहितना निवासी विजय कुमार की 42 वर्षीय पत्नी नेकसी देवी को क्षयरोग से पीड़ित होने पर बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को नेकसी देवी की मौत हो गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के ही गांव संसारपुर निवासी संतोष कुमार की 18 वर्षीय पुत्री अंजली पिछले कुछ दिनों से सर्दी की चपेट में आने से अस्थमा का शिकार हो गई। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान अंजली की मौत हो गई।
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी मरीजों के लिए बड़ी दिक्कत बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। जो डॉक्टर दिनभर ओपीडी करता है। उसके बाद उसे कैंप आदि में भी जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त पोस्टमार्टम ड्यूटी भी उसी को करनी होती है। इसके चलते इमरजेंसी से आने वाली कॉल पर वह समय से नहीं पहुंच पाता है और जब वह देरी से पहुंचता है तब तक मरीज की मौत हो जाती है।
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गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की काफी संख्या रही। निमोनियां, बुखार, कोल्ड डायरिया के अतिरिक्त बड़ी संख्या में अस्थमा और क्षयरोग के मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती कराए, जिसमें से सात मरीज अस्थमा और क्षयरोग से पीड़ित थे। क्षयरोग से पीड़ित चार गंभीर मरीजों को क्षयरोग विभाग में भर्ती कराया गया।
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कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरोहितना निवासी विजय कुमार की 42 वर्षीय पत्नी नेकसी देवी को क्षयरोग से पीड़ित होने पर बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को नेकसी देवी की मौत हो गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के ही गांव संसारपुर निवासी संतोष कुमार की 18 वर्षीय पुत्री अंजली पिछले कुछ दिनों से सर्दी की चपेट में आने से अस्थमा का शिकार हो गई। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान अंजली की मौत हो गई।
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी मरीजों के लिए बड़ी दिक्कत बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। जो डॉक्टर दिनभर ओपीडी करता है। उसके बाद उसे कैंप आदि में भी जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त पोस्टमार्टम ड्यूटी भी उसी को करनी होती है। इसके चलते इमरजेंसी से आने वाली कॉल पर वह समय से नहीं पहुंच पाता है और जब वह देरी से पहुंचता है तब तक मरीज की मौत हो जाती है।