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ओडीएफ में तीन हजार से ज्यादा खाते सरेंडर
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:37 PM IST
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मैनपुरी। जिले में शौचालय सर्वे में लगभग तीन हजार से ज्यादा लाभार्थियों के खातों को सरेंडर कर दिया गया है। इस कारण अब इन्हें शौचालयों का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग की ओर से सभी प्रक्रिया को पूरा कर दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को दो अक्तूबर तक खुले से शौच मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किए गए सर्वे में एक नई बात सामने आई।
सर्वे में 3238 लोग अपने निवास स्थान पर नहीं पाए गए, लेकिन बेसलाइन सूची में उनका नाम दर्ज था। इनका कोई भी पता नहीं चलने पर विभाग की ओर से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद इनके खातों को सरेंडर कर दिया है। जिले में नौ ब्लॉकों में से पांच ब्लॉकों में ऐसी ही स्थिति पाई गई है। इसमें सबसे ज्यादा खाते मैनपुरी ब्लॉक और सबसे कम कुरावली ब्लॉक में सरेंडर हुए हैं।
ओडीएफ के तहत ऐसे लोग जिनका नाम बेसलाइन सूची में तो होता है, लेकिन किसी कारणवश वह गांव छोड़कर चले जाते हैं, किसी दूसरे गांव में जाकर रहने लगते हैं, मृत्यु हो जाती है या किसी अन्य कारणों के चलते मौके पर नहीं मिलते हैं। ऐसे लोगों के खातों को सरेंडर कर दिया जाता है। जागीर, करहल, किशनी और सुल्तानगंज ब्लॉक में एक भी खातों को सरेंडर नहीं किया गया है।
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सर्वे में 3238 लोग अपने निवास स्थान पर नहीं पाए गए, लेकिन बेसलाइन सूची में उनका नाम दर्ज था। इनका कोई भी पता नहीं चलने पर विभाग की ओर से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद इनके खातों को सरेंडर कर दिया है। जिले में नौ ब्लॉकों में से पांच ब्लॉकों में ऐसी ही स्थिति पाई गई है। इसमें सबसे ज्यादा खाते मैनपुरी ब्लॉक और सबसे कम कुरावली ब्लॉक में सरेंडर हुए हैं।
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ओडीएफ के तहत ऐसे लोग जिनका नाम बेसलाइन सूची में तो होता है, लेकिन किसी कारणवश वह गांव छोड़कर चले जाते हैं, किसी दूसरे गांव में जाकर रहने लगते हैं, मृत्यु हो जाती है या किसी अन्य कारणों के चलते मौके पर नहीं मिलते हैं। ऐसे लोगों के खातों को सरेंडर कर दिया जाता है। जागीर, करहल, किशनी और सुल्तानगंज ब्लॉक में एक भी खातों को सरेंडर नहीं किया गया है।
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