फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   एनजीटी की सख्ती पर टीटीजेड अथॉरिटी ने नहीं लिया सबक

एनजीटी की सख्ती पर टीटीजेड अथॉरिटी ने नहीं लिया सबक

Tue, 31 Jul 2018 11:56 PM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
एनजीटी की सख्ती पर टीटीजेड अथॉरिटी ने नहीं लिया  सबक
फिरोजाबाद। कांच उद्योग से होने वाले प्रदूषण और क्षमता विस्तार को लेकर एनजीटी की सख्ती के बावजूद टीटीजेड अथॉरिटी ने सबक नहीं लिया। मानकों को ताक पर रख कर कांच इकाइयों का निर्माण और गैस का कोटा बढ़ाने की अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद भी पूरे टीटीजेड क्षेत्र में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन


ताजमहल पर बढ़ते प्रदूषण को लेकर कांच उद्योग की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। वर्ष 2015 से लेकर कांच उद्योग के खिलाफ पर्यावरण मंत्रालय, संसदीय कमेटी, एनजीटी में लगातार शिकायतें हो रही है। नई दिल्ली की सेफ संस्था ने एनजीटी में याचिका दाखिल की थी कि फिरोजाबाद में 89 इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना चल रही हैं। पांच दर्जन से अधिक इकाइयों ने क्षमता विस्तार कर लिया। प्रदूषण और उद्योग विभाग में तैनात अफसरों ने कई इकाइयों को तरीके से संचालन की अनुमति दी। इससे प्रदूषण का मानक बढ़ रहा है। सेफ संस्था ने 143 इकाईयों के मामले में शिकायत की। मामले में एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदूषण कम करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इसके बाद भी टीटीजेड अथॉरिटी कांच उद्योग पर मेहरबानी दिखाती रही।
विज्ञापन


वर्ष 2015 से नई इकाई स्थापना और क्षमता विस्तार पर रोक होने के बावजूद एक इकाई को निर्माण और आधा दर्जन इकाइयों का गैस का कोटा बढ़ा दिया। एमसी मेहता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर मंडलायुक्त सहित संबंधित अफसरों को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब दाखिल करना पड़ा। यदि एनजीटी के सख्त रुख के बाद टीटीजेड अथॉरिटी प्रदूषण कम करने को लेकर सजग होती तो शायद यह स्थिति सामने नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed