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सावधान! मसालों में मिल रहा रंग
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:56 PM IST
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मथुरा। बेहतर स्वाद और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उपयोग किए जाने वाले मसाले इन दोनों ही दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकते हैं। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में पिछले एक साल के दौरान लिए गए मसालों के अधिकांश नमूने फेल हो गए हैं। इन मसालों में शामिल हल्दी, मिर्च और हल्दी में खतरनाक रसायन की मौजूदगी मिल रही है।
पिछले एक साल के दौरान खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने मसालों पर ही अपना शिकंजा सका है। जिले की बड़ी मसाला चक्की और बिक्री केंद्रों से नमूने लिए गए हैं। कई स्थानों पर सील की कार्रवाई भी की गई है। जिला अभिहीत अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि जनपद में मसालों में बड़े स्तर पर मिलावट की स्थिति सामने आ रही है। जनपद से जांच के लिए भेजे गए विभिन्न नमूने 80 प्रतिशत फेल आए हैं। इसमें जयसिंहपुरा स्थित रावल हुसैन, चतुर्वेदी पिसाई केंद्र और कोसीकलां में वंशीधर के यहां यही स्थिति सामने आई है।
उन्होंने बताया कि हल्दी, मिर्च और धनिया के मसालों में रंग के साथ घातक केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे रसायन कैंसरकारक भी हैं। ऐसे में पिसे हुए मसालों का सेवन फिलहाल खतरनाक हो चला है। मिलावटी मसालों की बिक्री करने वालों पर शिकंजा कसने की एक बार फिर तैयारी है।
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पिछले एक साल के दौरान खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने मसालों पर ही अपना शिकंजा सका है। जिले की बड़ी मसाला चक्की और बिक्री केंद्रों से नमूने लिए गए हैं। कई स्थानों पर सील की कार्रवाई भी की गई है। जिला अभिहीत अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि जनपद में मसालों में बड़े स्तर पर मिलावट की स्थिति सामने आ रही है। जनपद से जांच के लिए भेजे गए विभिन्न नमूने 80 प्रतिशत फेल आए हैं। इसमें जयसिंहपुरा स्थित रावल हुसैन, चतुर्वेदी पिसाई केंद्र और कोसीकलां में वंशीधर के यहां यही स्थिति सामने आई है।
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उन्होंने बताया कि हल्दी, मिर्च और धनिया के मसालों में रंग के साथ घातक केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे रसायन कैंसरकारक भी हैं। ऐसे में पिसे हुए मसालों का सेवन फिलहाल खतरनाक हो चला है। मिलावटी मसालों की बिक्री करने वालों पर शिकंजा कसने की एक बार फिर तैयारी है।
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