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जल है तो कल है

Sun, 03 Sep 2017 11:52 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:52 PM IST
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जल है तो कल है
नदी बचाने को ‌न‌िकाली गई रैली - फोटो : amar ujala

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मैनपुरी। अभियान नदियों के नाम के तहत नगर के क्रिश्चियन मैदान में रविवार को हुए कार्यक्रम में जल और नदी बचाने का संकल्प लिया गया। लोगों में जल और नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखी। इस दौरान आम आदमी को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों ने मानव शृंखला भी बनाई।

इस दौरान भाजपा ब्रज क्षेत्र के संगठन महामंत्री भवानी सिंह ने कहा कि देश में नदियों का रूप बदलता जा रहा है। नदियों और नदी किनारे के क्षेत्रों में लोग कब्जा करके उनका स्वरूप बदल रहे हैं।
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महामंडलेश्वर हरिहरानंद महाराज ने कहा कि अब समय आग गया है कि अगर जल है तो ही कल है। नदी संकट भी सामने है। हमको नदी और जल की बर्बादी रोकने की पहल करनी ही होगी। विधायक भोगांव रामनरेश अगिभनहोत्री ने कहा कि जल की बर्बादी हम अनजाने में करते हैं। मगर उसके परिणाम दूरगामी होते हैं। सामाजिक सुधार और बदलाव के लिए बिना भेदभाव के सब मिल जुलकर काम करें।
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भाजपा अध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहा कि जल और नदी संरक्षण की पहल स्कूलों में भी की जानी चाहिए। बच्चों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डा. आशू दिवाकर ने कहा जल और नदी का संरक्षण नहीं होने के कारण देश की 25 प्रतिशत से अधिक धरती रेगिस्तान में परिवर्तित हो रही है।

इस मौके पर सह संयोजक प्रदीप सिंह चौहान, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवओंकार नाथ पचौरी, अरविंद तोमर, शिवदत्त भदौरिया, आशीष पांडेय, सुनील भदौरिया, राहुल चतुर्वेदी, अमित गुप्ता, जिला कार्यवाह दुर्गेश, सह जिला कार्यवाह अवधेश आदि रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। बाद में सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। भारत मां के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वंदे मातरम गायन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

जिले से होकर गुजर रही ईशन नदी अपना स्वरूप बचाने को तरस रही है। कई स्थानों पर नदी का स्वरूप नाले जैसा हो चुका है। नगर में श्मशान घाट से लेकर पुसैना तक नदी किनारे और नदी पर लोगों ने कब्जा करके निर्माण तक कर लिया है। सामाजिक संस्था प्रयास की पहल पर नदी के बचाव के लिए शासन ने धनराशि तक दी है।


अलीगढ़ से निकलने वाली ईशन नदी जिले में कुरावली, औंछा, ज्योंती, बेवर, कुसमरा, किशनी होती हुयी कन्नौज के आगे जाकर बिल्हौर के पास गंगा नदी में मिलती है। नगर में घरों से निकलने वाला गंदा पानी नदी में गिरता है। लोग अपने पशुओं तक को अब ईशन नदी का जल नहीं पिलाते हैं।
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