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एटा के अमरनाथ यात्रियों श्रीनगर में अभद्रता
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:02 PM IST
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AMARNATH YATRA 2017
- फोटो : Amar Ujala
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एटा। अमरनाथ यात्रियों पर सोमवार को हुए हमले से पहले जिले से एक करीब 122 यात्रियों के दोनो जत्थे सुरक्षित घर लौट चुके हैं। टूरिस्ट बस से गए अमरनाथ यात्रियों को बाइकर्स और कार सवार युवकों ने दो बार रोक कर अभद्रता कर इलाके को पाकिस्तान का बताया। वहीं अनंतनाग में पत्थरबाजों के कारण अमरनाथ यात्रियों की बस को सुरक्षा बलाें ने एक स्कूल में डेढ़ घंटे तक रोकने के बाद सुरक्षित निकाला।
अमरनाथ यात्रा पर जिले के 62 यात्रियों का एक जत्था हवाई जहाज से गया था। जो चार जुलाई तक सुरक्षित घर लौट आया है। लेकिन दूसरा जत्था 26 जून को टूरिस्ट बस से अमरनाथ के लिए रवाना हुआ। जत्थे में सवार कोआपरेटिव बैंक कर्मचारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि अमरनाथ यात्रा से लौटते वक्त श्रीनगर से कुछ पहले पैंथा चौक पर उनकी बस एक मारुति कार से छू गई थी। इसी को लेकर पहले कार सवारों ने बस रोक कर अभद्रता की। जब सुरक्षा बलों ने बस आगे निकाली तो एक किमी दूर निकलते ही चलीस से पचास बाइक सवार युवकों ने बस को घेर लिया और जमकर अभद्रता करते हुए इलाके को पाकिस्तान का बताते हुए यहां नहीं आने की चेतावनी दी। शुक्ला की माने तो कार में खंरोच तक नहीं आने पर भी बस चालक को सात हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा। विजय ने बताया कि इसके बाद जब टूरिस्ट बस अनंतनाग पहुंची तो पत्थरबाजों को देख सुरक्षा बलों ने उनकी बस एक स्कूल में रोक लिया और डेढ़ घंटे बाद माहौल शांत होने पर जवानों ने कड़ी सुरक्षा में अनंतनाग से बाहर निकला। शुक्ला ने बताया कि जब तब बस वहां फंसी रही तब यात्रियों की जान अटकी रही। अमरनाथ यात्रा पर जाने वालों में प्रमोद गुप्ता, विपिन गुप्ता, भुवनेश्वर दयाल, धर्मवीर, शिवराम कृष्णा, सोमा दादा, राजेंद्र चौहान के अलावा 62 लोग बस से अमरनाथ यात्रा पर गए थे।
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अमरनाथ यात्रा पर जिले के 62 यात्रियों का एक जत्था हवाई जहाज से गया था। जो चार जुलाई तक सुरक्षित घर लौट आया है। लेकिन दूसरा जत्था 26 जून को टूरिस्ट बस से अमरनाथ के लिए रवाना हुआ। जत्थे में सवार कोआपरेटिव बैंक कर्मचारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि अमरनाथ यात्रा से लौटते वक्त श्रीनगर से कुछ पहले पैंथा चौक पर उनकी बस एक मारुति कार से छू गई थी। इसी को लेकर पहले कार सवारों ने बस रोक कर अभद्रता की। जब सुरक्षा बलों ने बस आगे निकाली तो एक किमी दूर निकलते ही चलीस से पचास बाइक सवार युवकों ने बस को घेर लिया और जमकर अभद्रता करते हुए इलाके को पाकिस्तान का बताते हुए यहां नहीं आने की चेतावनी दी। शुक्ला की माने तो कार में खंरोच तक नहीं आने पर भी बस चालक को सात हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा। विजय ने बताया कि इसके बाद जब टूरिस्ट बस अनंतनाग पहुंची तो पत्थरबाजों को देख सुरक्षा बलों ने उनकी बस एक स्कूल में रोक लिया और डेढ़ घंटे बाद माहौल शांत होने पर जवानों ने कड़ी सुरक्षा में अनंतनाग से बाहर निकला। शुक्ला ने बताया कि जब तब बस वहां फंसी रही तब यात्रियों की जान अटकी रही। अमरनाथ यात्रा पर जाने वालों में प्रमोद गुप्ता, विपिन गुप्ता, भुवनेश्वर दयाल, धर्मवीर, शिवराम कृष्णा, सोमा दादा, राजेंद्र चौहान के अलावा 62 लोग बस से अमरनाथ यात्रा पर गए थे।
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