{"_id":"62bc978b3ab0cf56ea476fe2","slug":"114-colleges-of-the-district-declared-black-list-mainpuri-news-agr538519979","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीआईओएस ने 114 कॉलेज किए ब्लैक लिस्टेड घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीआईओएस ने 114 कॉलेज किए ब्लैक लिस्टेड घोषित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। यू डायस प्लस प्रपत्र और कॉलेज की वेबसाइट बनाने में अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने वाले 114 कॉलेजों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। संबंधित कॉलेजों की सूची संस्तुति पत्र के साथ सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश को भेजी है।
डीआईओएस मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि जिले के 88 वित्तविहीन कॉलेजों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को चार-चार बार नोटिस जारी कर कॉलेज की वेबसाइट बनाकर माध्यमिक शिक्षा परिषद के एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इन कॉलेजों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर संबंधित कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया है। वहीं 26 कॉलेजों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने पांच-पांच बार नोटिस जारी होने के बाद भी कॉलेजों का यू डायस प्लस प्रपत्र नहीं भरा है। इन कॉलेजों को भी ब्लैक लिस्ट घोषित करते हुए संस्तुति पत्र क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ भेजा गया है।
दो महीने से चल रही थी कार्रवाई
यू डायस प्लस प्रपत्र और वेबसाइट बनाने का कार्य दो माह से चल रहा था। कई बार फोन से प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को डीआईओएस कार्यालय से जानकारी दी गई। बार-बार नोटिस भी जारी किए गए।
विज्ञापन
------
प्रबंधक और प्रधानाचार्य नहीं ले रहे रुचि
डीआईओएस ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजे संस्तुति पत्र में कहा है कि संबंधित कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की कॉलेज संचालन में कोई रुचि नहीं है। ऐसे में उन्हें ब्लैक लिस्टेड किया जाता है।
--------
संबंधित कॉलेजों को कई बार नोटिस भेजा गया। प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने कोई रुचि नहीं ली। जिसके बाद उन्हें ब्लैक लिस्टेड घोषित करते हुए संस्तुति पत्र क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ भेजा गया है।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
डीआईओएस मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि जिले के 88 वित्तविहीन कॉलेजों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को चार-चार बार नोटिस जारी कर कॉलेज की वेबसाइट बनाकर माध्यमिक शिक्षा परिषद के एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इन कॉलेजों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर संबंधित कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया है। वहीं 26 कॉलेजों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने पांच-पांच बार नोटिस जारी होने के बाद भी कॉलेजों का यू डायस प्लस प्रपत्र नहीं भरा है। इन कॉलेजों को भी ब्लैक लिस्ट घोषित करते हुए संस्तुति पत्र क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ भेजा गया है।
विज्ञापन
दो महीने से चल रही थी कार्रवाई
यू डायस प्लस प्रपत्र और वेबसाइट बनाने का कार्य दो माह से चल रहा था। कई बार फोन से प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को डीआईओएस कार्यालय से जानकारी दी गई। बार-बार नोटिस भी जारी किए गए।
विज्ञापन
------
प्रबंधक और प्रधानाचार्य नहीं ले रहे रुचि
डीआईओएस ने सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजे संस्तुति पत्र में कहा है कि संबंधित कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की कॉलेज संचालन में कोई रुचि नहीं है। ऐसे में उन्हें ब्लैक लिस्टेड किया जाता है।
--------
संबंधित कॉलेजों को कई बार नोटिस भेजा गया। प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने कोई रुचि नहीं ली। जिसके बाद उन्हें ब्लैक लिस्टेड घोषित करते हुए संस्तुति पत्र क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ भेजा गया है।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक