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मथुरा से सटे मुकुंदपुर में नहीं है पीने को पानी
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डैमो
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। शहर से सटा गांव मुकुंदपुर में पीने के पानी का भारी संकट है। हालात ऐसे हैं कि आज भी मुकुंदपुर की महिलाओं को सुबह उठकर पहले शुद्ध मीठे पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। महिलाओं को गांव से दो किलोमीटर दूर जंगल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर सिर पर ढोकर लाना पड़ रहा है। गांववासियों की इस समस्या की तरफ से जिला प्रशासन और गांव पंचायत ने गौर नहीं किया है।
गांव निवासी भूरा बताते हैं कि गांव मुकुंदपुर वैसे तो मथुरा शहर से लगा हुआ है, लेकिन गांव की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। गांव में खारा पानी है। गांव की महिलाएं सुबह उठकर गांव से दो किलोमीटर दूर जंगल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लातीं हैं उसके बाद ही घर में भोजन तैयार होता है। उन्होंने बताया कि गांव की टंकी में पिछले काफी समय से पानी ही नहीं भरा गया। सुदेश ने कहा कि गांव का पानी इतना खारी है उसे कपड़े धोने जैसे अन्य काम में इस्तेमाल किया जा सकता।
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नीतू, रानी, राजकुमारी और सोमबती ने कहा कि काफी दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांव के प्रधान जयवीर कहते हैं अधिकारियों को कई बार लिखा गया है जल्द पानी की समस्या दूर होगी।
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4100 की आबादी में पीने का पानी तक नहीं
गांव की आबादी लगभग 4100 है, लेकिन पीने के लिए पर्याप्त पानी तक नहीं है। गांववासी हर जरूरी काम के लिए दो किलोमीटर दूर जंगल में लगे हैंडपंप से पानी लाकर पूरा करते हैं। उन्हें डर है कि भरी गर्मी में कहीं हैंडपंप का पानी न उतर जाए।
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गांव निवासी भूरा बताते हैं कि गांव मुकुंदपुर वैसे तो मथुरा शहर से लगा हुआ है, लेकिन गांव की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। गांव में खारा पानी है। गांव की महिलाएं सुबह उठकर गांव से दो किलोमीटर दूर जंगल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लातीं हैं उसके बाद ही घर में भोजन तैयार होता है। उन्होंने बताया कि गांव की टंकी में पिछले काफी समय से पानी ही नहीं भरा गया। सुदेश ने कहा कि गांव का पानी इतना खारी है उसे कपड़े धोने जैसे अन्य काम में इस्तेमाल किया जा सकता।
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नीतू, रानी, राजकुमारी और सोमबती ने कहा कि काफी दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांव के प्रधान जयवीर कहते हैं अधिकारियों को कई बार लिखा गया है जल्द पानी की समस्या दूर होगी।
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