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विसर्जन को हरिपदी पहुंची कौशल रावत की अस्थियां, गमगीन हो गई तीर्थनगरी

Tue, 19 Feb 2019 10:48 PM IST
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Updated Tue, 19 Feb 2019 10:48 PM IST
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विसर्जन को हरिपदी पहुंची कौशल रावत की अस्थियां, गमगीन हो गई तीर्थनगरी
विसर्जन को हरिपदी पहुंची कौशल रावत की अस्थियां, गमगीन हो गई तीर्थनगरी - फोटो : अमर उजाला
सोरों (कासगंज)। आतंकी हमले में शहीद हुए आगरा के लाल कौशल रावत की अस्थियां जब सोरों तीर्थ नगरी में पहुंची तो शहादत को नमन करने भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद की अस्थियां विधि विधान पूर्वक मोक्ष दायिनी में विसर्जित की गईं। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के जयकारे लगाते रहे।
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आगरा के जवान कौशल रावत 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। मंगलवार को जब शहीद की अस्थियां हरिपदी गंगा के घाट पर विसर्जन के लिए लाई गईं तो तीर्थ नगरी में भी शहादत को सलाम करने के लिए लोगों को बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह 9 बजे शहीद के परिजन अस्थियां लेकर वराह घाट पहुंचे। यहां तीर्थ पुरोहित बिठ्ठल एवं सर्वेंश तिवारी ने विधि विधान पूर्वक अस्थि विसर्जन संस्कार कार्यक्रम कराया। पुरोहितों ने शहीद की आत्मा की शांति को वेद मंत्रों का उच्चारण किया। शहीद के पुत्र विकास रावत ने पिता की अस्थियां मोक्षदायिनी में विसर्जित कीं। इस दौरान हरिपदी के घाट पर माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। लोगों की आंखें नम थी और लोग शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए द्रवित हो गए।
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पिता के थे अटूट सपने
सोरों। शहीद के बेटे विकास ने अस्थि विसर्जन के बाद बताया कि पिता के कई सपने थे। पिता उसे पायलट बनाने का सपना देख रहे थे। विकास ने बताया कि वह इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर चुका है। हरिपदी के घाट पर उसने संकल्प लिया है कि वह अपने पिता का यह सपना जरूरी पूरा करेगा। शहीद की बेटी अपूर्वा पायलट प्रशिक्षण कोर्स कर रही है और वह पिता का सपना पूरा करने के नजदीक पहुंच चुकी है।
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पिता की याद में करूंगा देश सेवा
सोरों। शहीद का बड़ा बेटा अभिषेक रावत रूस में एमबीबीएस कर रहा है। अभिषेक ने बताय कि वह पिता की याद में देश सेवा करेगा। डाक्टर बनकर गरीबों, जरूरतमंदों का निशुल्क उपचार करेगा। अभिषेक ने बताया कि उसने ही पिता को मुखाग्नि दी और भाई विकास के साथ पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं।

जोश के बीच आक्रोश, तीर्थनगरी में गूंजी भारत मां की जय
सोरों। शहीद की अस्थि विसर्जन के दौरान माहौल गमगीन हो गया। जब गंगा भक्ति समिति के कार्यकर्ता वराह घाट पर पहुंचे तो लोगों में जोश और आक्रोश दिखाई दिया। भारत माता की जयकार से हरिपदी घाट ही नहीं बल्कि पूरी तीर्थ नगरी ही गुंजायमान हो गई। समिति के पदाधिकारियों ने शहीद के अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज, निशांत चौधरी, अंशुल दुबे, योगेश मिश्र, चमन दुबे, कृष्णकांत महेेरे, सचिन निर्भय, कल्लू निर्भय, सोनू वैंदेल, आकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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