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छेड़छाड़ पर चार बंदीरक्षकों पर मामला दर्ज करने के आदेश
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:52 PM IST
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कासगंज। न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह यादव ने जिला जेल में तैनात चार बंदीरक्षकों के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। बंदीरक्षकों पर महिला के साथ अश्लील हरकतें करने व मारपीट का आरोप है।
सोरों क्षेत्र के एक गांव की महिला जिला जेल क्षेत्र में चाय की दुकान चलाती है। 12 मार्च 2018 को बंदीरक्षक प्रदीप उसकी दुकान पर आया। बंदीरक्षक ने महिला से कमरे में चाय भेजने को कहा।
जब महिला उनके कमरे में चाय देने गई तो वहां पर बंदीरक्षक प्रदीप के अलावा भुवनेश, सौरभ, अजय पाल भी मौजूद थे। चारों आरोपियों ने महिला को दबोच लिया और अश्लील हरकतें करने लगे। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की जिससे महिला की कूल्हे की हडड़ी टूट गई।
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आरोपियों ने शिकायत करने पर महिला को जान से मारने की भी धमकी दी। महिला जैसे तैसे कोतवाली पहुंची और पुलिस को मामले की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस अधीक्षक को भी मामले की शिकायत की गई, लेकिन उसे वहां से भी न्याय नहीं मिला। इसके बाद महिला ने अधिवक्ता अजीत भारद्वाज व रंजीत भारद्वाज की मदद से न्यायालय में मामला दायर कर दिया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को चारों आरोपी बंदीरक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
सोरों क्षेत्र के एक गांव की महिला जिला जेल क्षेत्र में चाय की दुकान चलाती है। 12 मार्च 2018 को बंदीरक्षक प्रदीप उसकी दुकान पर आया। बंदीरक्षक ने महिला से कमरे में चाय भेजने को कहा।
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जब महिला उनके कमरे में चाय देने गई तो वहां पर बंदीरक्षक प्रदीप के अलावा भुवनेश, सौरभ, अजय पाल भी मौजूद थे। चारों आरोपियों ने महिला को दबोच लिया और अश्लील हरकतें करने लगे। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की जिससे महिला की कूल्हे की हडड़ी टूट गई।
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आरोपियों ने शिकायत करने पर महिला को जान से मारने की भी धमकी दी। महिला जैसे तैसे कोतवाली पहुंची और पुलिस को मामले की जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस अधीक्षक को भी मामले की शिकायत की गई, लेकिन उसे वहां से भी न्याय नहीं मिला। इसके बाद महिला ने अधिवक्ता अजीत भारद्वाज व रंजीत भारद्वाज की मदद से न्यायालय में मामला दायर कर दिया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को चारों आरोपी बंदीरक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।