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17 करोड़ से बनी सड़क में पकड़ीं खामियां
Updated Thu, 17 May 2018 08:12 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। 17 करोड़ की लागत से बनी मथुरा बलदेव सादाबाद सड़क के बनने के साथ ही टूटने पर लखनऊ से आई टेक्निकल ऑडिट कमेटी ने सड़क की जांच की। जांच में जगह-जगह घटिया सामग्री और कई तरह की खामियां पकड़ी गईं। 17 किलोमीटर की सड़क में टीम ने 15 जगह से गिट्टी और तारकोल के नमूने लिए।
पिछले साल मथुरा बलदेव सादाबाद मार्ग पर 23 किलोमीटर लंबाई में 17 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क बनाई गई थी। अप्रैल 2017 मेें बनकर तैयार हुई सड़क 2017 के जुलाई माह में पहली बरसात में ही टूट गई थी।
क्योंकि अभी टूट-फूट की जिम्मेदारी ठेकेदार की ही थी लिहाजा ठेकेदार ने सड़क पर पैचवर्क कराकर इति श्री कर दी। इसके बाद फिर से सड़क टूट गई। शिकायत पर लखनऊ से टेक्निकल ऑडिट कमेटी के इंजीनियर सुनील कुमार के नेतृत्व में तीन इंजीनियरों की टीम गुरुवार दोपहर को सड़क की जांच करने पहुंची।
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टीम ने अवैरनी चौराहे से लेकर गोकुल मोड़ स्थित गोशाला तक 15 जगह से गिट्टी और तारकोल के नमूने लिए। टीम प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि सड़क कई जगह से टूटी और दरकी हुई मिली है। सड़क को कम से कम तीन साल तक नहीं टूटना चाहिए था। लिए गए नमूनों का लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण को भेजा जाएगा। इस दौरान निर्माण खंड के एक्सईएन सूरज कुमार, जेई, एई, भाकियू के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह प्रधान मौजूद रहे।
जांच टीम ने नमूने नहीं किए सील, हंगामा
मथुरा। 17 करोड़ से बनी मथुरा सादाबाद रोड की जांच को आई टीम ने सड़क के जगह-जगह से लिए नमूनों को सील नहीं किया। टीम के लोगों ने पकड़ी घटिया गिट्टी व मौरम को प्लास्टिक की थैली में बांध लिया और चल दिए। इस पर भाकियू के जिलाध्यक्ष ने सील करने को कहा तो टीम के लोगों ने नहीं माना। इस पर भाकियू जिलाध्यक्ष ने हंगामा किया। इस दौरान सड़क बनाने वाला ठेकेदार भी मौजूद था। उसे लेकर ठेकेदार से नोकझोंक हुई।
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पिछले साल मथुरा बलदेव सादाबाद मार्ग पर 23 किलोमीटर लंबाई में 17 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क बनाई गई थी। अप्रैल 2017 मेें बनकर तैयार हुई सड़क 2017 के जुलाई माह में पहली बरसात में ही टूट गई थी।
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क्योंकि अभी टूट-फूट की जिम्मेदारी ठेकेदार की ही थी लिहाजा ठेकेदार ने सड़क पर पैचवर्क कराकर इति श्री कर दी। इसके बाद फिर से सड़क टूट गई। शिकायत पर लखनऊ से टेक्निकल ऑडिट कमेटी के इंजीनियर सुनील कुमार के नेतृत्व में तीन इंजीनियरों की टीम गुरुवार दोपहर को सड़क की जांच करने पहुंची।
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टीम ने अवैरनी चौराहे से लेकर गोकुल मोड़ स्थित गोशाला तक 15 जगह से गिट्टी और तारकोल के नमूने लिए। टीम प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि सड़क कई जगह से टूटी और दरकी हुई मिली है। सड़क को कम से कम तीन साल तक नहीं टूटना चाहिए था। लिए गए नमूनों का लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण को भेजा जाएगा। इस दौरान निर्माण खंड के एक्सईएन सूरज कुमार, जेई, एई, भाकियू के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह प्रधान मौजूद रहे।
जांच टीम ने नमूने नहीं किए सील, हंगामा
मथुरा। 17 करोड़ से बनी मथुरा सादाबाद रोड की जांच को आई टीम ने सड़क के जगह-जगह से लिए नमूनों को सील नहीं किया। टीम के लोगों ने पकड़ी घटिया गिट्टी व मौरम को प्लास्टिक की थैली में बांध लिया और चल दिए। इस पर भाकियू के जिलाध्यक्ष ने सील करने को कहा तो टीम के लोगों ने नहीं माना। इस पर भाकियू जिलाध्यक्ष ने हंगामा किया। इस दौरान सड़क बनाने वाला ठेकेदार भी मौजूद था। उसे लेकर ठेकेदार से नोकझोंक हुई।