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रंजिश निकालने को भाड़े के हत्यारों से कराई बच्चों की हत्या
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:18 PM IST
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रंजिश निकालने को भाड़े के हत्यारों से कराई बच्चों की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। रंजिश में दुश्मन को फंसाने के लिए गांव ढकरई के दो भाइयों ने गांव बहोरनपुर के दो मासूम बच्चों की हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई थी। पुलिस ने पूरे मामले का राजफाश कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, चार कारतूस और बाइक बरामद की गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने सिढ़पुरा के ताजपुर गांव के एक अन्य बालक की बलि के लिए हत्या की बात भी कबूली है।
डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना गंजडुंडवारा के निरीक्षक लक्ष्मण सिंह वर्मा और इंटेलिजेंस विंग प्रभारी मुकेश सोलंकी की टीम ने घटना को अंजाम देने वाले छह आरोपियों गांव ढकरई निवासी भाइयों धर्मेंद्र और मुन्ना पुत्रगण उदयवीर, बुधपाल उर्फ बुद्धा तेली निवासी थाना गांव, सुनील पुत्र खड़ग सिंह निवासी कनकपुर, रोहित पुत्र धर्मपाल एवं पुष्पेंद्र सोलंकी निवासी कलानी को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि धर्मेंद्र और मुन्ना ने सर्वेश पक्ष से रंजिश निकालने के लिए बुधपाल, सुनील, रोहित, पुष्पेंद्र को दो लाख रुपये में बच्चों की हत्या करने का षड्यंत्र रचा और पर्चे छोड़कर विरोधियों को फंसाने की साजिश तैयार की। आठ अप्रैल को साजिश के तहत बहोरनपुर गांव से सचिन (8) और अमित (8) का अपहरण किया गया। इसके बाद आरोपी बच्चों को लेकर गंजडुंडवारा की कांशीराम कॉलोनी पहुंचे। यहां दोनों बच्चों की हत्या कर दोनों बच्चों के शव ढकरई गांव में घूरे में दबा दिए गए। इसके बाद धर्मेंद्र और मुन्ना ने पत्र के माध्यम से बच्चों के शव ढकरई में दबे होने की सूचना दी। पुलिस ने बच्चों के शव बरामद कर लिए। वहीं आरोपियों ने पूछताछ में सिढ़पुरा क्षेत्र में ताजपुर गांव में शादी में आए बालक पवन पुत्र अनिल की भी 17 फरवरी को अपहरण कर बलि के लिए हत्या की बात कबूली है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
गरीबी बनी बच्चों की हत्या कारण
कासगंज। बहोरनपुर के दो बच्चों को हत्या के लिए उनकी गरीबी की वजह से चुना गया। आरोपियों ने कबूल किया यदि किसी अमीर के बच्चों की हत्या करते तो प्रशासन पर मामले का खुलासा करने का दबाव रहता। हत्यारोपी रोहित ने बताया कि पहले से गरीब परिवार के दो बच्चों को चिह्नित किया गया। योजनापूर्वक अपहरण कर उनकी हत्या की गई। इसके बाद साजिश के तहत पर्चे छोड़े गए। रोहित की यह बात सुनकर सभी चौंक गए।
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पुलिस पार्टी को मिलेगा 15 हजार का पुरस्कार
कासगंज। डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने गंजडुंडवारा पुलिस एवं इंटेलिजेंस विंग की टीम के सभी 15 सदस्यों को पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। डीआईजी श्रीवास्तव ने बताया कि वह पुलिस महानिदेशक से भी सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कार देने के लिए टीम की संस्तुति करेंगे।
तीन हत्यारोपी हैं हिस्ट्रीशीटर
कासगंज। हत्या में गिरफ्तार छह आरोपियों में से तीन आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। बुद्धपाल उर्फ बुद्धा तेली पर हत्या, जानलेवा हमला, गैंगेस्टर के मामले दर्ज हैं। यह मामले पटियाली थाने के अलावा जीआरपी थाने में दर्ज है। बुद्धपाल ने ट्रेनों में लूटपाट की घटनाएं की है। वहीं रोहित के खिलाफ हत्या, गैंगेस्टर, यूपी गुंडा एक्ट सहित अन्य धाराओं में आठ मामले दर्ज हैं। सुनील पर जानलेवा हमला, शस्त्र अधिनियम के दो मामले दर्ज हैं।
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डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना गंजडुंडवारा के निरीक्षक लक्ष्मण सिंह वर्मा और इंटेलिजेंस विंग प्रभारी मुकेश सोलंकी की टीम ने घटना को अंजाम देने वाले छह आरोपियों गांव ढकरई निवासी भाइयों धर्मेंद्र और मुन्ना पुत्रगण उदयवीर, बुधपाल उर्फ बुद्धा तेली निवासी थाना गांव, सुनील पुत्र खड़ग सिंह निवासी कनकपुर, रोहित पुत्र धर्मपाल एवं पुष्पेंद्र सोलंकी निवासी कलानी को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी ने बताया कि धर्मेंद्र और मुन्ना ने सर्वेश पक्ष से रंजिश निकालने के लिए बुधपाल, सुनील, रोहित, पुष्पेंद्र को दो लाख रुपये में बच्चों की हत्या करने का षड्यंत्र रचा और पर्चे छोड़कर विरोधियों को फंसाने की साजिश तैयार की। आठ अप्रैल को साजिश के तहत बहोरनपुर गांव से सचिन (8) और अमित (8) का अपहरण किया गया। इसके बाद आरोपी बच्चों को लेकर गंजडुंडवारा की कांशीराम कॉलोनी पहुंचे। यहां दोनों बच्चों की हत्या कर दोनों बच्चों के शव ढकरई गांव में घूरे में दबा दिए गए। इसके बाद धर्मेंद्र और मुन्ना ने पत्र के माध्यम से बच्चों के शव ढकरई में दबे होने की सूचना दी। पुलिस ने बच्चों के शव बरामद कर लिए। वहीं आरोपियों ने पूछताछ में सिढ़पुरा क्षेत्र में ताजपुर गांव में शादी में आए बालक पवन पुत्र अनिल की भी 17 फरवरी को अपहरण कर बलि के लिए हत्या की बात कबूली है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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गरीबी बनी बच्चों की हत्या कारण
कासगंज। बहोरनपुर के दो बच्चों को हत्या के लिए उनकी गरीबी की वजह से चुना गया। आरोपियों ने कबूल किया यदि किसी अमीर के बच्चों की हत्या करते तो प्रशासन पर मामले का खुलासा करने का दबाव रहता। हत्यारोपी रोहित ने बताया कि पहले से गरीब परिवार के दो बच्चों को चिह्नित किया गया। योजनापूर्वक अपहरण कर उनकी हत्या की गई। इसके बाद साजिश के तहत पर्चे छोड़े गए। रोहित की यह बात सुनकर सभी चौंक गए।
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पुलिस पार्टी को मिलेगा 15 हजार का पुरस्कार
कासगंज। डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने गंजडुंडवारा पुलिस एवं इंटेलिजेंस विंग की टीम के सभी 15 सदस्यों को पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। डीआईजी श्रीवास्तव ने बताया कि वह पुलिस महानिदेशक से भी सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कार देने के लिए टीम की संस्तुति करेंगे।
तीन हत्यारोपी हैं हिस्ट्रीशीटर
कासगंज। हत्या में गिरफ्तार छह आरोपियों में से तीन आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। बुद्धपाल उर्फ बुद्धा तेली पर हत्या, जानलेवा हमला, गैंगेस्टर के मामले दर्ज हैं। यह मामले पटियाली थाने के अलावा जीआरपी थाने में दर्ज है। बुद्धपाल ने ट्रेनों में लूटपाट की घटनाएं की है। वहीं रोहित के खिलाफ हत्या, गैंगेस्टर, यूपी गुंडा एक्ट सहित अन्य धाराओं में आठ मामले दर्ज हैं। सुनील पर जानलेवा हमला, शस्त्र अधिनियम के दो मामले दर्ज हैं।