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बिजलीघरों पर ताले, बिल काउंटर बंद.. हर तरफ हड़ताल का हल्ला
Updated Tue, 27 Mar 2018 08:23 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। सभी बिजलीघरों पर ताले पड़े रहे। बिल काउंटर भी नहीं खुले। बिल जमा कराने को उपभोक्ता भटकते रहे। जिससे भी पूछा उसी ने कहा कि आज हड़ताल है। कोई काम नहीं होगा। कैंट बिजली घर कार्यालय पर जुटे कर्मचारियों ने साफ कहा कि अगर बिजली को निजी हाथों में दिया गया तो सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ, मुरादाबाद, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी की बिजली वितरण व्यवस्था प्राइवेट को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके विरोध में बिजली संघर्ष समिति के बैनर तले क्लर्क, संविदा कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, जेई, एई, एसई, सहित लाइन मैन व अन्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया और आफिस के ताले नहीं खोले। इसे लेकर जिले के 80 बिजलीघर व 15 बिजली कार्यालयों में काम करने वाले 800 से अधिक कर्मचारी सुबह नौ बजे कैंट बिजली कार्यालय पर इकट्ठा हुए और धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान एसई देहात विनोद कुमार गंगवार, एसई शहर राघवेंद्र सिंह, एसई देहात मांट सुबोध कुमार शर्मा, एक्सईएन प्रथम अरविंद पांडेय, एसई मसानी राजीव कालरा सहित संविदा कर्मियों सहित अन्य ने सरकार द्वारा निजीकरण के खिलाफ हुंकार भरी। कहा कि प्रदेश सरकार उन इलाकों को निजी कंपनी को सौंप रही है जहां वितरण व्यवस्था व बिल वसूली अच्छी हो रही है। ग्रामीण व कम वसूली वाले व कमजोर वितरण व्यवस्था वाले शहरों को निजी कंपनियों को देना चाहिए। एसडीओ सचिन शर्मा, विकास शर्मा, राजीव सिंह, राजवीर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ, मुरादाबाद, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी की बिजली वितरण व्यवस्था प्राइवेट को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके विरोध में बिजली संघर्ष समिति के बैनर तले क्लर्क, संविदा कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, जेई, एई, एसई, सहित लाइन मैन व अन्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया और आफिस के ताले नहीं खोले। इसे लेकर जिले के 80 बिजलीघर व 15 बिजली कार्यालयों में काम करने वाले 800 से अधिक कर्मचारी सुबह नौ बजे कैंट बिजली कार्यालय पर इकट्ठा हुए और धरना प्रदर्शन किया।
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इस दौरान एसई देहात विनोद कुमार गंगवार, एसई शहर राघवेंद्र सिंह, एसई देहात मांट सुबोध कुमार शर्मा, एक्सईएन प्रथम अरविंद पांडेय, एसई मसानी राजीव कालरा सहित संविदा कर्मियों सहित अन्य ने सरकार द्वारा निजीकरण के खिलाफ हुंकार भरी। कहा कि प्रदेश सरकार उन इलाकों को निजी कंपनी को सौंप रही है जहां वितरण व्यवस्था व बिल वसूली अच्छी हो रही है। ग्रामीण व कम वसूली वाले व कमजोर वितरण व्यवस्था वाले शहरों को निजी कंपनियों को देना चाहिए। एसडीओ सचिन शर्मा, विकास शर्मा, राजीव सिंह, राजवीर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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