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कल्याण और अटलजी नै भी लियौ बनिया के पान कौ स्वाद
Updated Mon, 19 Mar 2018 08:57 PM IST
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कृष्णा
- फोटो : डैमो
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मथुरा। जब शहर सो रहा होता है, उस वक्त बनिया पान वाले की दुकान खुल रही होती है। पान के शौकीन यहां पान का स्वाद ले रहे होते हैं। स्वामीघाट पर बनिया पान वाले की यह दुकान दिन में नहीं खुलती, यहां रात को पान का स्वाद लेने के लिए दूर से भी लोग पहुंचते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह और केंद्रीय मंत्री रहे कलराज मिश्र भी यहां के पान का स्वाद चख चुके हैं।
शहर के बीच यमुना से चंद कदमों की दूरी पर स्वामीघाट तिराहे पर बनिया पान वाले की दुकान है। 51 साल से यहां विशंभर दयाल यादव उर्फ बनिया पान बनाकर बेच रहे हैं। उनके पान की ख्याति दूर-दूर तक है। 10 रुपये से 151 रुपये तक की कीमत वाले पानों के नाम भी खास हैं। इसमें नवविवाहित जोड़ा और फैमली पान खास हैं, जिसमें चांदी की वर्क और सोने की भस्म भी होती है।
शादी के सहालगों में इनकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। पहले पिता मटोली राम पान बनाते थे, अब विशंभर दयाल ने बेटे को भी इसी काम से जोड़ दिया है। इसी तिराहे पर निकट ही शिवराम चाय की ढकेल भी शहर के इस तिराहे को रात को रोशन कर रही होती है। विशंभर दयाल उर्फ बनिया का कहना है कि उनके पान का स्वाद तो पान खाने वाला ही बता सकता है। पान खाने के बाद लोग घर के लिए भी ले जाते हैं।
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शहर के बीच यमुना से चंद कदमों की दूरी पर स्वामीघाट तिराहे पर बनिया पान वाले की दुकान है। 51 साल से यहां विशंभर दयाल यादव उर्फ बनिया पान बनाकर बेच रहे हैं। उनके पान की ख्याति दूर-दूर तक है। 10 रुपये से 151 रुपये तक की कीमत वाले पानों के नाम भी खास हैं। इसमें नवविवाहित जोड़ा और फैमली पान खास हैं, जिसमें चांदी की वर्क और सोने की भस्म भी होती है।
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शादी के सहालगों में इनकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। पहले पिता मटोली राम पान बनाते थे, अब विशंभर दयाल ने बेटे को भी इसी काम से जोड़ दिया है। इसी तिराहे पर निकट ही शिवराम चाय की ढकेल भी शहर के इस तिराहे को रात को रोशन कर रही होती है। विशंभर दयाल उर्फ बनिया का कहना है कि उनके पान का स्वाद तो पान खाने वाला ही बता सकता है। पान खाने के बाद लोग घर के लिए भी ले जाते हैं।
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