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यूपीजीएमएस मंत्रालय और टीटीजेड़ को लिखेगा पत्र
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:48 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी को टीटीजेड से बाहर जाने से बचाने के लिए यूपी यूपीजीएमएस (ग्लास मैन्यूफैक्चर्स सिंडीकेट) ने पहल शुरू कर दी है। यूपीजीएमएस पर्यावरण मंत्रालय और टीटीजेड अथॉरिटी को जल्द ही पत्र भेजेगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 1996 में टीटीजेड में प्रदूषणकारी उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण मंत्रालय ने टीटीजेड अथॉरिटी का एरिया निर्धारित किया था, जिसमें फिरोजाबाद भी शामिल था। टीटीजेड में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोयले का प्रयोग बंद हो गया।
24 घंटे कोयले से धधकने वाली बल्लियां को जबरन बुझा दिया गया। उद्यमियों ने धीरे-धीरे उद्योगों को गैस से संचालित करना शुरू किया तो प्रदूषण का ग्राफ गिरा। फिरोजाबाद और आगरा के लिए 11 लाख घनमीटर एपीएम (एडमिस्ट्रेटिव प्राइज्ड मैकेनिज्म) का कोटा है। इसमें बड़ी मात्रा में गैस की खपत फिरोजाबाद में हो रही है।
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सुहागनगरी की कई इकाइयों द्वारा रातोंरात क्षमता विस्तार करने के बाद से शुरू हुआ शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। बड़े औद्योगिक संगठनों की शिकायत पर ही फिरोजाबाद को टीटीजेड से बाहर करने कवायद शुरू हो गई है। हालांकि उद्यमी भी पूरी तरह बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
ूयूपीजीएमएस द्वारा पर्यावरण मंत्रालय व टीटीजेड अथॉरिटी को पत्र भेजा जा रहा है। यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा टीटीजेड की अधिसूचना जारी की गई है। इसमें टीटीजेड अथॉरिटी को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 1996 में टीटीजेड में प्रदूषणकारी उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण मंत्रालय ने टीटीजेड अथॉरिटी का एरिया निर्धारित किया था, जिसमें फिरोजाबाद भी शामिल था। टीटीजेड में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोयले का प्रयोग बंद हो गया।
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24 घंटे कोयले से धधकने वाली बल्लियां को जबरन बुझा दिया गया। उद्यमियों ने धीरे-धीरे उद्योगों को गैस से संचालित करना शुरू किया तो प्रदूषण का ग्राफ गिरा। फिरोजाबाद और आगरा के लिए 11 लाख घनमीटर एपीएम (एडमिस्ट्रेटिव प्राइज्ड मैकेनिज्म) का कोटा है। इसमें बड़ी मात्रा में गैस की खपत फिरोजाबाद में हो रही है।
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सुहागनगरी की कई इकाइयों द्वारा रातोंरात क्षमता विस्तार करने के बाद से शुरू हुआ शिकायतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। बड़े औद्योगिक संगठनों की शिकायत पर ही फिरोजाबाद को टीटीजेड से बाहर करने कवायद शुरू हो गई है। हालांकि उद्यमी भी पूरी तरह बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
ूयूपीजीएमएस द्वारा पर्यावरण मंत्रालय व टीटीजेड अथॉरिटी को पत्र भेजा जा रहा है। यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा टीटीजेड की अधिसूचना जारी की गई है। इसमें टीटीजेड अथॉरिटी को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।