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माधव की जान लेने वाले पुलिसवालों पर नहीं हुआ मुकदमा
Updated Wed, 31 Jan 2018 07:27 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। हाईवे के मोहनपुर अड़ूकी में पुलिस की गोली से मारे गए माधव के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। जबकि विभागीय जांच कर रहे एसपी सुरक्षा ने भी परिस्थितियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों की गलती मानते हुए रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।
17 जनवरी को बदमाशों की फिराक में थाना हाईवे के गांव मोहनपुर अड़ूकी में गई पुलिस की लापरवाही पूर्वक गोली चलाने से बेर खाते हुए अमरनाथ के सात साल के बेटे माधव की मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज मामले केे बाद 18 जनवरी को आईजी राजा श्रीवास्तव ने गांव मोहनपुर अड़ूकी पहुंचकर पुलिस की गोली से मौत होना मानते हुए दो दरोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
इस घटना की त्रिस्तरीय जांच की जा रही थी। विभागीय जांच एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा तो मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर क्रांति सिंह और विवेचना सीओ सदर राकेश कुमार कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार एसपी सुरक्षा ने एसएसपी स्वप्निल ममगाई को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में परिस्थितियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों को दोषी माना गया है। अब सवाल यह उठता है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया? हर किसी की जुबां पर यह चर्चा आम हो गई है।
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माधव की मौत के मामले की जांच चल रही है। माधव को पूरा न्याय दिया जाएगा। दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा
- स्वप्निल ममगाई, एसएसपी
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17 जनवरी को बदमाशों की फिराक में थाना हाईवे के गांव मोहनपुर अड़ूकी में गई पुलिस की लापरवाही पूर्वक गोली चलाने से बेर खाते हुए अमरनाथ के सात साल के बेटे माधव की मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज मामले केे बाद 18 जनवरी को आईजी राजा श्रीवास्तव ने गांव मोहनपुर अड़ूकी पहुंचकर पुलिस की गोली से मौत होना मानते हुए दो दरोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
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इस घटना की त्रिस्तरीय जांच की जा रही थी। विभागीय जांच एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा तो मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर क्रांति सिंह और विवेचना सीओ सदर राकेश कुमार कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार एसपी सुरक्षा ने एसएसपी स्वप्निल ममगाई को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में परिस्थितियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों को दोषी माना गया है। अब सवाल यह उठता है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया? हर किसी की जुबां पर यह चर्चा आम हो गई है।
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माधव की मौत के मामले की जांच चल रही है। माधव को पूरा न्याय दिया जाएगा। दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा
- स्वप्निल ममगाई, एसएसपी