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मानक दरकिनार, खुलेआम ढो रहे पटाखे
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:41 PM IST
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मानक की अनदेखी कर पटाखों को इधर से उधर लाया ले जाया जा रहा है। गली-मोहल्लों में पटाखों की छोटी-छोटी दुकानें कभी भी बड़ी हादसा करा सकती हैं। ऐसे में अधिकारी पूरी तरह से अनजान बने हुए हैं।
जिले में हर साल दिवाली पर पटाखोें के चलते कई हादसे होते हैं। कई बार पटाखों को ले जाते समय लोग हादसे का शिकार हुए हैं। पिछले दिनों आगरा में पटाखे ले जाने के दौरान हुए ब्लास्ट में दो युवकों की मौत हो गई थी। मगर जिले में अब तक पटाखों के परिवहन को लेकर प्रबंध या शिकंजा कसा नहीं गया है। आलम यह है कि लोग खुलेआम वाहनों पर और बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के पटाखों को लाते और ले जाते हैं। इसके साथ ही पटाखा कारोबारी भी खुले वाहनों से पटाखों की सप्लाई करते हैं। पटाखा कंपनियों से जिले में आने वाला माल भी बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के जिले में आता है। ऐसे में परिवहन के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों से गुरेज नहीं किया जा सकता है।
ये हैं जनता के लिए मानक
- एक बार में 10 किलो से अधिक आतिशबाजी का परिवहन नहीं किया जा सकता।
- पूर्ण सुरक्षा प्रबध के साथ ही आतिशबाजी का प्रबंध हो सकता है।
- आतिशबाजी को ठीक तरीके से पैक करके ही भेजा जाता है।
- बिना लाइसेंस वाहन पर आतिशबाजी ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित हैै।
व्यापारियों के लिए मानक
- व्यापारी एक बार में 100 किलो से ज्यादा आतिशबाजी को नहीं भेज सकता।
- आतिशबाजी लेकर जाने वाले वाहन में अगिभनशमन यंत्र और समेत तमाम सुरक्षा बंदोबस्त होने चाहिए।
- वाहन की जांच पड़ताल अग्निशमन विभाग द्वारा किए जाने के बाद भी अनुमति दी जाती है।
- आतिशबाजी को पैक करते समय बॉक्स के ऊपर विशेष तरीके से बंदोबस्त किया जाता है।
- वाहन के चालक और परिचालक के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जानी चाहिए।
इनका कहना है
वाहन पर खुलेआम आतिशबाजी लेकर जाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस पर नजर रखी जा रही है। वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
संजय कुमार, एएसपी
पटाखों की सुरक्षित बिक्री और परिवहन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। हर तहसील में एसडीएम को नजर रखने के लिए कहा है।
अमित किशोर, जिलाधिकारी
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मानक की अनदेखी कर पटाखों को इधर से उधर लाया ले जाया जा रहा है। गली-मोहल्लों में पटाखों की छोटी-छोटी दुकानें कभी भी बड़ी हादसा करा सकती हैं। ऐसे में अधिकारी पूरी तरह से अनजान बने हुए हैं।
जिले में हर साल दिवाली पर पटाखोें के चलते कई हादसे होते हैं। कई बार पटाखों को ले जाते समय लोग हादसे का शिकार हुए हैं। पिछले दिनों आगरा में पटाखे ले जाने के दौरान हुए ब्लास्ट में दो युवकों की मौत हो गई थी। मगर जिले में अब तक पटाखों के परिवहन को लेकर प्रबंध या शिकंजा कसा नहीं गया है। आलम यह है कि लोग खुलेआम वाहनों पर और बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के पटाखों को लाते और ले जाते हैं। इसके साथ ही पटाखा कारोबारी भी खुले वाहनों से पटाखों की सप्लाई करते हैं। पटाखा कंपनियों से जिले में आने वाला माल भी बिना किसी सुरक्षा प्रबंध के जिले में आता है। ऐसे में परिवहन के दौरान पटाखों से होने वाले हादसों से गुरेज नहीं किया जा सकता है।
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ये हैं जनता के लिए मानक
- एक बार में 10 किलो से अधिक आतिशबाजी का परिवहन नहीं किया जा सकता।
- पूर्ण सुरक्षा प्रबध के साथ ही आतिशबाजी का प्रबंध हो सकता है।
- आतिशबाजी को ठीक तरीके से पैक करके ही भेजा जाता है।
- बिना लाइसेंस वाहन पर आतिशबाजी ले जाना पूर्णत: प्रतिबंधित हैै।
व्यापारियों के लिए मानक
- व्यापारी एक बार में 100 किलो से ज्यादा आतिशबाजी को नहीं भेज सकता।
- आतिशबाजी लेकर जाने वाले वाहन में अगिभनशमन यंत्र और समेत तमाम सुरक्षा बंदोबस्त होने चाहिए।
- वाहन की जांच पड़ताल अग्निशमन विभाग द्वारा किए जाने के बाद भी अनुमति दी जाती है।
- आतिशबाजी को पैक करते समय बॉक्स के ऊपर विशेष तरीके से बंदोबस्त किया जाता है।
- वाहन के चालक और परिचालक के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जानी चाहिए।
इनका कहना है
वाहन पर खुलेआम आतिशबाजी लेकर जाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस पर नजर रखी जा रही है। वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
संजय कुमार, एएसपी
पटाखों की सुरक्षित बिक्री और परिवहन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। हर तहसील में एसडीएम को नजर रखने के लिए कहा है।
अमित किशोर, जिलाधिकारी