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ग्यारह दिन पहले जेल गए 65 साल के बंदी की मौत
Updated Sat, 23 Sep 2017 08:29 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : demo
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मथुरा। जिला कारागार में बंदी की बीमारी के चलते मौत हो गई। वृंदावन पुलिस ने 11 दिन पहले ही उसे दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में जेल भेजा था। मृतक पटना का रहने वाला था। वह वृंदावन में रहकर ई-रिक्शा चलाता था।
बिहार के पटना निवासी पशुपतिनाथ दास (65) काफी सालों से वृंदावन में रहकर ई-रिक्शा चला रहे थे। 11 सितंबर को उन पर पड़ोसी की 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। 12 सितंबर को वृंदावन पुलिस ने दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में उन्हें जेल भेज दिया। कारागार प्रशासन की माने तो जेल में बंद पशुपतिनाथ दास को 15 सितंबर को बुखार आया था। 16 सितंबर को उसे जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत बिगड़ने लगी। 22 सितंबर को उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों की माने तो जेल में आने से पहले पैर में लगी चोट के चलते सेप्टिक से उसकी मौत हो गई।
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बिहार के पटना निवासी पशुपतिनाथ दास (65) काफी सालों से वृंदावन में रहकर ई-रिक्शा चला रहे थे। 11 सितंबर को उन पर पड़ोसी की 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। 12 सितंबर को वृंदावन पुलिस ने दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में उन्हें जेल भेज दिया। कारागार प्रशासन की माने तो जेल में बंद पशुपतिनाथ दास को 15 सितंबर को बुखार आया था। 16 सितंबर को उसे जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत बिगड़ने लगी। 22 सितंबर को उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों की माने तो जेल में आने से पहले पैर में लगी चोट के चलते सेप्टिक से उसकी मौत हो गई।
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