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डाक्टरों का अभाव, मरीजों की भरमार
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:42 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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एटा। बीमारियां कहर बरपा रही हैं, मरीजों की भरमार है। डाक्टरों का अभाव मरीजों की दिक्कतें बढ़ा रहा है। आलम यह है कि सैकड़ों मरीज डाक्टरों के बिना परामर्श के ही लौट रहे हैं। वहीं जिले में वायरल और टाइफाइड के रोगियों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।
मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। पिछले करीब 15 दिनों से जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। अस्पताल की ओपीडी में दिन में 1800 तक मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं डाक्टरों की कमी मरीजों को सता रही है। जिला अस्पताल में 10 डाक्टरों की तैनाती है। इनमें तीन डाक्टर इमरजेंसी में सेवा दे रहे हैं, तो चार डाक्टर अंत्योदय मेले मेें लगे हैं। ऐसे में तीन डाक्टरों के सहारे चिकि त्सा सेवाओं की गाड़ी खींची जा रही है।
मौसम बदलने के बाद जांच में ज्यादातर मरीजों को मलेरिया, वायरल और टायफाइड सामने आ रहा है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। मलेरिया विभाग में जनवरी से अब तक 182 पीड़ित पहुंच चुके हैं। वहीं अगस्त में ही 30 मरीजों का उपचार किया गया।
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झोलाछाप कर रहे इलाज
मौसम में आए बदलाव के बाद जिले में झोलाछापों की मौज आ गई है। झोलाछापों के यहां मरीजों की भीड़ लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजाें को सड़क किनारे चारपाई पर लिटाकर बोतलें चढ़ाई जा रही हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई को लेकर संजीदा नहीं है।
ये बरतें सावधानी
- पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीएं।
- ताजा भोजन करें, भोजन हल्का व सुपाच्य हो।
- गंदगी से दूर रहें।
- बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री से परहेज करें।
- वायरल से पीड़ित व्यक्ति से दूर रहें।
- बारिश में भीगने से बचें, भीग जाएं तो तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
- वायरल होने पर कम से कम पांच दिन आराम करें।
मौसमी बीमारी का प्रकोप इस बार ज्यादा है। मौसम में नमी वायरस को बढ़ने की अनुकूल स्थिति पैदा कर रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां एक हजार तक मरीज आते थे, लेकिन अब संख्या बढ़कर 1800 तक पहुंच रही है। मरीजों का समुचित उपचार कराया जा रहा है।
डा. बी सागर, सीएमएस
-------
अब तक इतने मरीज पहुंचे अस्पताल
11 सितंबर- 1200
12 सितंबर- 1100
13 सितंबर- 1500
14 सितंबर- 1700
15 सितंबर- 1800
16 सितंबर- 1600
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मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। पिछले करीब 15 दिनों से जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। अस्पताल की ओपीडी में दिन में 1800 तक मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं डाक्टरों की कमी मरीजों को सता रही है। जिला अस्पताल में 10 डाक्टरों की तैनाती है। इनमें तीन डाक्टर इमरजेंसी में सेवा दे रहे हैं, तो चार डाक्टर अंत्योदय मेले मेें लगे हैं। ऐसे में तीन डाक्टरों के सहारे चिकि त्सा सेवाओं की गाड़ी खींची जा रही है।
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मौसम बदलने के बाद जांच में ज्यादातर मरीजों को मलेरिया, वायरल और टायफाइड सामने आ रहा है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। मलेरिया विभाग में जनवरी से अब तक 182 पीड़ित पहुंच चुके हैं। वहीं अगस्त में ही 30 मरीजों का उपचार किया गया।
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झोलाछाप कर रहे इलाज
मौसम में आए बदलाव के बाद जिले में झोलाछापों की मौज आ गई है। झोलाछापों के यहां मरीजों की भीड़ लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजाें को सड़क किनारे चारपाई पर लिटाकर बोतलें चढ़ाई जा रही हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई को लेकर संजीदा नहीं है।
ये बरतें सावधानी
- पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीएं।
- ताजा भोजन करें, भोजन हल्का व सुपाच्य हो।
- गंदगी से दूर रहें।
- बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री से परहेज करें।
- वायरल से पीड़ित व्यक्ति से दूर रहें।
- बारिश में भीगने से बचें, भीग जाएं तो तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
- वायरल होने पर कम से कम पांच दिन आराम करें।
मौसमी बीमारी का प्रकोप इस बार ज्यादा है। मौसम में नमी वायरस को बढ़ने की अनुकूल स्थिति पैदा कर रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां एक हजार तक मरीज आते थे, लेकिन अब संख्या बढ़कर 1800 तक पहुंच रही है। मरीजों का समुचित उपचार कराया जा रहा है।
डा. बी सागर, सीएमएस
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अब तक इतने मरीज पहुंचे अस्पताल
11 सितंबर- 1200
12 सितंबर- 1100
13 सितंबर- 1500
14 सितंबर- 1700
15 सितंबर- 1800
16 सितंबर- 1600