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दो दर्जन से अधिक गांव अब भी जलमग्न
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:20 AM IST
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हर हर गंगे ... गंगा घाटों पर गूंजें गंगा मैया के जयकारें
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जनपद में बाढ़ का कहर बना हुआ है। बाढ़ की चपेट में आए दो दर्जन से अधिक गांव में अभी भी जलमग्न हैं, यहां अब भी पानी भरा हुआ है। बाढ़ के हालातों को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं। प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को 25 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, लेकिन इससे बाढ़ के हालातों पर कोई असर नहीं पड़ा है। नरौरा से 177274 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहने से बाढ़ की स्थिति लगातार बनी हुई हैै। कछला बैराज पर गंगा 163.80 के निशान पर आ गई। एक दिन पूर्व गंगा के निकट के गांव लच्छी नगला, पंखिया नगला में घुसा बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। सुरक्षित स्थानों के लिए निकले ग्रामीण इधर-उधर डेरा डालने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने पशुओं को कासगंज बरेली मार्ग पर किनारे बांध रखा है। बाढ़ के चलते पशुओं के सामने भी चारे का संकट है।
सहावर क्षेत्र के सुन्नगढ़ी, सहवाजपुर, गढ़ी कैथोल, ऊलाई खेड़ा, अजीत नगर, बमनपुरा, सिकंदरपुर वैश्य, नगला ढाव, किलौनी, किसौल, देवकली आदि क्षेत्रों में घुसा गंगा का पानी अभी नहीं निकल पाया है। सोरों क्षेत्र के खड़ेरी, डिंगलेस नगर, दतलाना, बघेला,आदि ग्राम भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी न निकल पाने से ग्रामीणों के सामने तमाम समस्याएं खड़ी हुईं हैं। पटियाली क्षेत्र के ग्राम बरौना में भी पानी की दस्तक हो चुकी है। बांध के दूसरी ओर से पानी घुस गया है।
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सड़क कटने से आवागमन का संकट
कासगंज। अजीत नगर के ग्रामीणों द्वारा काटी सड़क के बाद से आवागमन अभी भी प्रभावित बना हुआ है। पानी का दबाव बढ़ने से सड़क का और भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। आवागमन के लिए ग्रामीणों ने सड़क पर पोल डाल दिए हैं। जिनके सहारे वे आवागमन कर रहे हैं। इस सड़क के कट जाने के बाद बाढ़ का पानी नागर एवं खिदरपुर ग्रामों तक पहुंच गया है। जिससे यहां के ग्रामीणों के सामने दिक्कतें हो गईं हैं। बमनपुरा में भी पानी का दबाव और बढ़ गया है। जिससे ग्रामीणों को अपने पशुओं सहित सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ग्रामीण इधर उधर ढेरा डालकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
जलस्तर में आज हो सकती है गिरावट
कासगंज। गंगा के जलस्तर में गुरुवार को गिरावट आने की उम्मीद की जा रही है। हरिद्वार एवं बिजनौर पर पानी का दबाव कम होने लगा है। हरिद्वार से बिजनौर के लिए 55544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि बिजनौर से नरौरा के लिए 99162 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर में आने वाली इस गिरावट का असर गुरुवार को दिखेगा। उम्मीद की जा रही है कि गंगा में जलस्तर में कुछ गिरावट आ जाए। जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सके।
बांधों की मरम्मत का कार्य हुआ पूरा
कासगंज। सहावर क्षेत्र के शहवाजपुर एवं पटियाली क्षेत्र के बरौना बांध में आई दरारों के बाद मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया है। ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बांध की मरम्मत की। जिससे बांध कटने से बच सके। पटियाली के एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार की टीम के साथ मरम्मत के कार्य का निरीक्षण किया।
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गंगा में नरौरा बैराज से बुधवार को 25 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, लेकिन इससे बाढ़ के हालातों पर कोई असर नहीं पड़ा है। नरौरा से 177274 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहने से बाढ़ की स्थिति लगातार बनी हुई हैै। कछला बैराज पर गंगा 163.80 के निशान पर आ गई। एक दिन पूर्व गंगा के निकट के गांव लच्छी नगला, पंखिया नगला में घुसा बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। सुरक्षित स्थानों के लिए निकले ग्रामीण इधर-उधर डेरा डालने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने पशुओं को कासगंज बरेली मार्ग पर किनारे बांध रखा है। बाढ़ के चलते पशुओं के सामने भी चारे का संकट है।
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सहावर क्षेत्र के सुन्नगढ़ी, सहवाजपुर, गढ़ी कैथोल, ऊलाई खेड़ा, अजीत नगर, बमनपुरा, सिकंदरपुर वैश्य, नगला ढाव, किलौनी, किसौल, देवकली आदि क्षेत्रों में घुसा गंगा का पानी अभी नहीं निकल पाया है। सोरों क्षेत्र के खड़ेरी, डिंगलेस नगर, दतलाना, बघेला,आदि ग्राम भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी न निकल पाने से ग्रामीणों के सामने तमाम समस्याएं खड़ी हुईं हैं। पटियाली क्षेत्र के ग्राम बरौना में भी पानी की दस्तक हो चुकी है। बांध के दूसरी ओर से पानी घुस गया है।
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सड़क कटने से आवागमन का संकट
कासगंज। अजीत नगर के ग्रामीणों द्वारा काटी सड़क के बाद से आवागमन अभी भी प्रभावित बना हुआ है। पानी का दबाव बढ़ने से सड़क का और भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। आवागमन के लिए ग्रामीणों ने सड़क पर पोल डाल दिए हैं। जिनके सहारे वे आवागमन कर रहे हैं। इस सड़क के कट जाने के बाद बाढ़ का पानी नागर एवं खिदरपुर ग्रामों तक पहुंच गया है। जिससे यहां के ग्रामीणों के सामने दिक्कतें हो गईं हैं। बमनपुरा में भी पानी का दबाव और बढ़ गया है। जिससे ग्रामीणों को अपने पशुओं सहित सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ग्रामीण इधर उधर ढेरा डालकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
जलस्तर में आज हो सकती है गिरावट
कासगंज। गंगा के जलस्तर में गुरुवार को गिरावट आने की उम्मीद की जा रही है। हरिद्वार एवं बिजनौर पर पानी का दबाव कम होने लगा है। हरिद्वार से बिजनौर के लिए 55544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि बिजनौर से नरौरा के लिए 99162 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर में आने वाली इस गिरावट का असर गुरुवार को दिखेगा। उम्मीद की जा रही है कि गंगा में जलस्तर में कुछ गिरावट आ जाए। जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सके।
बांधों की मरम्मत का कार्य हुआ पूरा
कासगंज। सहावर क्षेत्र के शहवाजपुर एवं पटियाली क्षेत्र के बरौना बांध में आई दरारों के बाद मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया है। ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बांध की मरम्मत की। जिससे बांध कटने से बच सके। पटियाली के एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार की टीम के साथ मरम्मत के कार्य का निरीक्षण किया।