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रिमझिम बारिश में ही गिर गई नालों की दीवार
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:52 PM IST
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मैनपुरी। लोकनिर्माण विभाग के रेत के महल रिमझिम बारिश भी सहन नहीं कर सके। यदि तेज बारिश हो जाए तो क्या हालत होगी इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। रेत के यह महल हैं इटावा बदायूं फोरलेन के किनारे बनाए गए नाले। उक्त नालों में जमकर घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग हुआ है।
इसका परिणाम यह है कि पिछले दिनों हुई रिमझिम बारिश में ही इनकी दीवारें कई स्थानों से ढह गई हैं। अब विभाग इनके दोबारा निर्माण की तैयारी कर रहा है। सपा सरकार में इटावा बदायूं फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। शहर के बीच से गुजर रही सड़क के दोनों किनारों पर नाला बनाने का भी ठेका हुआ था।
यह नाले कहीं-कहीं तो सीसी से बनाए गए हैं। वहीं कहीं-कहीं ईंटों से इनका निर्माण हुआ है। जहां पर ईंटों से नाला की दीवार बनी हैं। वहां पर जमकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसका सबूत है पिछले दिनों कुछ देर के लिए हुई रिमझिम बारिश भी यह दीवारें नहीं झेल सकी हैं। परिणामस्वरूप राधा रमन रोड से लेकर कलक्ट्रेट के सामने तक कई स्थानों पर नाला की दीवार ढह गई हैं। इसकी वजह से नाले का बहाव अवरुद्ध हो गया है। वहीं लोकनिर्माण विभाग के कार्यों की गुणवत्ता की पोल भी खुल गई है। अब विभाग उक्त ढही हुई दीवारों को फिर से बनवाने का कार्य शुरू कर रहा है।
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नालों की दीवार बनाने में किस स्तर तक घोटाला हुआ इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण में जमकर पीला ईंट का प्रयोग हुआ है। पीला ईंट को सबसे घटिया गुणवत्ता का माना जाता है। इसके बाद भी इसका प्रयोग किया गया। वहीं पूरे निर्माण कार्य के दौरान लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने अपनी आंखें मूंदें रखी और ठेकेदार मनमानी करते रहे।
जिलाधिकारी यशवंत राव ने कहा कि नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद घपला मिलने पर संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इसका परिणाम यह है कि पिछले दिनों हुई रिमझिम बारिश में ही इनकी दीवारें कई स्थानों से ढह गई हैं। अब विभाग इनके दोबारा निर्माण की तैयारी कर रहा है। सपा सरकार में इटावा बदायूं फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। शहर के बीच से गुजर रही सड़क के दोनों किनारों पर नाला बनाने का भी ठेका हुआ था।
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यह नाले कहीं-कहीं तो सीसी से बनाए गए हैं। वहीं कहीं-कहीं ईंटों से इनका निर्माण हुआ है। जहां पर ईंटों से नाला की दीवार बनी हैं। वहां पर जमकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसका सबूत है पिछले दिनों कुछ देर के लिए हुई रिमझिम बारिश भी यह दीवारें नहीं झेल सकी हैं। परिणामस्वरूप राधा रमन रोड से लेकर कलक्ट्रेट के सामने तक कई स्थानों पर नाला की दीवार ढह गई हैं। इसकी वजह से नाले का बहाव अवरुद्ध हो गया है। वहीं लोकनिर्माण विभाग के कार्यों की गुणवत्ता की पोल भी खुल गई है। अब विभाग उक्त ढही हुई दीवारों को फिर से बनवाने का कार्य शुरू कर रहा है।
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नालों की दीवार बनाने में किस स्तर तक घोटाला हुआ इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण में जमकर पीला ईंट का प्रयोग हुआ है। पीला ईंट को सबसे घटिया गुणवत्ता का माना जाता है। इसके बाद भी इसका प्रयोग किया गया। वहीं पूरे निर्माण कार्य के दौरान लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने अपनी आंखें मूंदें रखी और ठेकेदार मनमानी करते रहे।
जिलाधिकारी यशवंत राव ने कहा कि नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद घपला मिलने पर संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।