एक्सक्लूसिव: 105 लोग कोरोना संक्रमित होकर ठीक भी हो गए, पता ही नहीं चला
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एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि जुलाई से एंटीबॉडीज की जांच शुरू कर दी थी। पहले पांच महीनों में 150 लोगों ही एंटीबॉडीज की जांच कराने आए, लेकिन बीते दो महीने में जांच कराने वालों की संख्या तीन गुनी हो गई।
610 लोगों की जांच में 173 ऐसे थे जिनको पहले संक्रमण हो चुका था और शरीर में एंटीबॉडी बनी है या नहीं, इसके लिए जांच कराई। लेकिन 105 ऐसे रहे, जिनको कोरोना वायरस होने की जानकारी नहीं थी, लेकिन जांच में एंटीबॉडीज मिलीं। इनसे पूछताछ में पता चला कि इनको बुखार, सांस लेने में परेशानी, जुकाम या फिर अन्य कोई परेशानी नहीं हुई।
रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने से नहीं हुआ आभास
पैथोलोजिस्ट डॉ. हरेंद्र यादव ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने और बेहतर फिटनेस के कारण लोगों को कोरोना वायरस के लक्षणों का आभास नहीं हुआ। ऐसे जिन लोगाें में एंटीबॉडीज मिली है, उनमें अधिकांश की उम्र 28 से 35 के मध्य रही।
कोविड अस्पताल के डाटा प्रभारी डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि ऐसे कई लोग हैं, जिनमें कोरोना वायरस का लक्षण नहीं मिला और उन्हें किसी तरह की परेशानी भी नहीं हुई। बहुत से लोग तो एंटीबॉडीज जांच ही नहीं करा रहे हैं, यह संख्या और अधिक हो सकती है।
एसएन कॉलेज की जूनियर रेजीडेंट गरिमा की जांच में एंटीबॉडीज मिलीं, जबकि इनको कभी कोई लक्षण प्रतीत नहीं हुआ। एसएन में एंटीबॉडीज जांच के लिए शिविर लगा तो उन्होंने भी जांच कराई, तब उन्हें जानकारी हुई कि कोरोना होकर ठीक भी हो गया है।
आवास विकास कॉलोनी के देवेंद्र सिंह के परिचित संक्रमित हो गए थे, इन्होंने भी कोरोना की जांच कराई, लेकिन इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। तसल्ली के लिए इन्होंने एंटीबॉडीज की जांच कराई तो उसमें एंटीबॉडीज मिली। पहले किसी भी तरह के लक्षण का आभास नहीं हुआ।