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चिकित्सक एवं जनता विरोधी है सीपीए बिल : आईएमए
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फिरोजाबाद। डाक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में लाए गए अध्यादेश का आईएमए ने विरोध किया है। बिल के विरोध में चिकित्सकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांध कर काम किया। चिकित्सकों का कहना है कि यह बिल पूरी तरह अलोकतांत्रिक और गरीब विरोधी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. उपेंद्र गर्ग ने कहा कि आईएमए अमेडेमेंड बिल 2018 और सीपीए बिल 2018 का विरोध करता है। दोनों बिल दिसबंर माह में लोकसभा में पास किए गए हैं।
इसका चिकित्सक पूरी तरह विरोध करेंगे। पूर्व सचिव डा. विवेक अग्रवाल ने बताया कि सीपीए 1986 के तहत जिला कमीशन में मुआवजा 10 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। स्टेट कमीशन में एक करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ कर दिया गया है।
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नेशनल कमीशन में यह मुआवजा राशि 10 करोड़ से भी ज्यादा कर दी है। इससे अस्पताल चलना मुश्किल हो जाएगा। डा. आरबी शर्मा ने कहा कि अस्पताल का इंश्योरेंस महंगा हो जाएगा। यह बिल गरीब विरोधी व कॉरपोरेट कल्चर को समर्थन देने वाला है। अगर बिल राज्यसभा में पास हो जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. उपेंद्र गर्ग ने कहा कि आईएमए अमेडेमेंड बिल 2018 और सीपीए बिल 2018 का विरोध करता है। दोनों बिल दिसबंर माह में लोकसभा में पास किए गए हैं।
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इसका चिकित्सक पूरी तरह विरोध करेंगे। पूर्व सचिव डा. विवेक अग्रवाल ने बताया कि सीपीए 1986 के तहत जिला कमीशन में मुआवजा 10 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। स्टेट कमीशन में एक करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ कर दिया गया है।
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नेशनल कमीशन में यह मुआवजा राशि 10 करोड़ से भी ज्यादा कर दी है। इससे अस्पताल चलना मुश्किल हो जाएगा। डा. आरबी शर्मा ने कहा कि अस्पताल का इंश्योरेंस महंगा हो जाएगा। यह बिल गरीब विरोधी व कॉरपोरेट कल्चर को समर्थन देने वाला है। अगर बिल राज्यसभा में पास हो जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा।