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जिले में पहली रैंक के साथ नियुक्ति पाने वाला शिक्षक निकला फर्जी
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फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जी शिक्षक का भंडाफोड़ हो गया। 12,460 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मैरिट में पहली रैंक लाने वाला शिक्षक जांच के बाद फर्जी निकला। शिक्षक की स्नातक शारीरिक शिक्षा (बीपीई) की अंकतालिका सत्यापन में फर्जी पाई गई।
जांच के दौरान सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सामान्य प्रश्न भी पूछे। जिसका शिक्षक सही जवाब भी नहीं दे सका। फर्जी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। उसके खिलाफ एफआईआर कर तुरंत गिरफ्तार किया। पुलिस शनिवार को उसे जेल भेजेगी।
शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव भांडरी आमौर निवासी आशीष कुमार की तीन मई 2018 को 12460 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत सहायक अध्यापक पद पर भर्ती हुई थी। नियुक्ति के बाद आशीष को एका ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय उम्मेदपुर में तैनाती दे दी गई। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के अभिलेख सत्यापन के लिए उनके कालेज भेजे थे।
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इसमें आशीष की स्नातक शारीरिक शिक्षा (बीपीई) की डिग्री सत्यापन के लिए आगरा के कृष्णा एकेडमी बिचपुरी में भेजी गई। कृष्णा एकेडमी ने सत्यापन रिपोर्ट में लिखा कि वह छात्र उनके कालेज से पढ़ा ही नहीं है।
इसके बाद शिक्षक को जिला कमेटी ने अपना पक्ष रखने के लिए करीब चार बार उपस्थित होने को नोटिस जारी किया था। आशीष ने सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद से ही स्कूल जाना बंद कर दिया था और सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुआ।
शुक्रवार को अंतिम सुनवाई लगाकर शिक्षक को उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया। शिक्षक आशीष कुमार जिला कमेटी के सामने उपस्थित हुआ। सीडीओ ने शिक्षक की अंकतालिका देखी तो अंकों को देखकर हैरत में पड़ गईं। जांच के दौरान सीडीओ नेहा जैन ने आशीष से सामान्य सवाल पूछे।
जिसका शिक्षक जवाब भी नहीं दे सका। जिला कमेटी ने शिक्षक आशीष को फर्जी मानकर तुरंत ही पुलिस को सुपुर्द कर दिया। खंड शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल ने थाना एका में शिक्षक को बर्खास्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। फर्जी शिक्षक की तुरंत गिरफ्तारी से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई।
जांच के दौरान सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सामान्य प्रश्न भी पूछे। जिसका शिक्षक सही जवाब भी नहीं दे सका। फर्जी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। उसके खिलाफ एफआईआर कर तुरंत गिरफ्तार किया। पुलिस शनिवार को उसे जेल भेजेगी।
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शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव भांडरी आमौर निवासी आशीष कुमार की तीन मई 2018 को 12460 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत सहायक अध्यापक पद पर भर्ती हुई थी। नियुक्ति के बाद आशीष को एका ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय उम्मेदपुर में तैनाती दे दी गई। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के अभिलेख सत्यापन के लिए उनके कालेज भेजे थे।
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इसमें आशीष की स्नातक शारीरिक शिक्षा (बीपीई) की डिग्री सत्यापन के लिए आगरा के कृष्णा एकेडमी बिचपुरी में भेजी गई। कृष्णा एकेडमी ने सत्यापन रिपोर्ट में लिखा कि वह छात्र उनके कालेज से पढ़ा ही नहीं है।
इसके बाद शिक्षक को जिला कमेटी ने अपना पक्ष रखने के लिए करीब चार बार उपस्थित होने को नोटिस जारी किया था। आशीष ने सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद से ही स्कूल जाना बंद कर दिया था और सुनवाई में भी उपस्थित नहीं हुआ।
शुक्रवार को अंतिम सुनवाई लगाकर शिक्षक को उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया। शिक्षक आशीष कुमार जिला कमेटी के सामने उपस्थित हुआ। सीडीओ ने शिक्षक की अंकतालिका देखी तो अंकों को देखकर हैरत में पड़ गईं। जांच के दौरान सीडीओ नेहा जैन ने आशीष से सामान्य सवाल पूछे।
जिसका शिक्षक जवाब भी नहीं दे सका। जिला कमेटी ने शिक्षक आशीष को फर्जी मानकर तुरंत ही पुलिस को सुपुर्द कर दिया। खंड शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल ने थाना एका में शिक्षक को बर्खास्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। फर्जी शिक्षक की तुरंत गिरफ्तारी से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई।