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बाढ़ प्रभा वत इलाकों में फैल रहीं बीमा रयां
Updated Tue, 11 Sep 2018 10:16 PM IST
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कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आने के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद है। अभी गंगा की धार कमजोर होने से विभिन्न आबादी के इलाकों में से गंगा का पानी निकलता जा रहा है। हालांकि निचले इलाकों में अभी भी पानी की निकासी नहीं हो रही है। इससे संक्रामक रोगों का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुखार से तीन मौतों के बाद दहशत है।
गंगा की बाढ़ का पानी लगातार कम हो रहा है। मंगलवार को नरौरा से 85680 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। डिस्चार्ज कम होने के कारण अब गंगा का कछला पर जलस्तर भी 163.10 मीटर के निशान पर आ गया है। हरिद्वार और बिजनौर से भी डिस्चार्ज कम हो चुका है। आगामी समय में गंगा के जलस्तर में और अधिक कमी आने की उम्मीद है। बाढ़ उतरने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
अब ग्रामीण अपने उजड़े आशियाने को संवारने का ताना बाना बुन रहे हैं। इधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। घर-घर में बुखार के मरीज हैं। राजेपुर कुर्रा, नगला हंसी, नगला जाटवान और आसपास के गांव में काफी लोग बीमारी के शिकार हैं। इन इलाकों में तीन मौत के बाद लोगों में दहशत है। बाढ़ के प्रभाव के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी नहीं पहुंच पा रहीं थीं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी पहुंचने लगीं हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के कटे मार्ग अभी भी सही नहीं किए जा सके हैं।
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इस कारण दिक्कत बनी हुईं हैं। आवाजाही की दिक्कतों से भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने कटे संपर्क मार्ग सही कराने की मांग उठाई है। बमनपुरा के अरविंद ने कहा कि मार्ग कटे होने के कारण अभी आवाजाही नहीं हो पा रही है। बाढ़ का पानी उतरा है लेकिन दिक्कतें अभी कम नहीं है। बाढ़ पीड़ित जसवीर ने बताया कि बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। फसलें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं।
बाढ़ का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। जलस्तर कम होने से राहत मिलने लगी है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया गया है। टीमें लगातार ग्रामीणों का परीक्षण करके दवाएं दे रहीं हैं। अब लगातार जलस्तर में गिरावट आएगी।
धीरेंद्र सिंह, एसडीएम पटियाली
डिस्चार्ज-
नरौरा- 85680 क्यूसेक
बिजनौर- 39286 क्यूसेक
हरिद्वार- 52915 क्यूसेक
कछला गेज- 163.10 मीटर के निशान पर
गंगा की बाढ़ का पानी लगातार कम हो रहा है। मंगलवार को नरौरा से 85680 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। डिस्चार्ज कम होने के कारण अब गंगा का कछला पर जलस्तर भी 163.10 मीटर के निशान पर आ गया है। हरिद्वार और बिजनौर से भी डिस्चार्ज कम हो चुका है। आगामी समय में गंगा के जलस्तर में और अधिक कमी आने की उम्मीद है। बाढ़ उतरने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
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अब ग्रामीण अपने उजड़े आशियाने को संवारने का ताना बाना बुन रहे हैं। इधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। घर-घर में बुखार के मरीज हैं। राजेपुर कुर्रा, नगला हंसी, नगला जाटवान और आसपास के गांव में काफी लोग बीमारी के शिकार हैं। इन इलाकों में तीन मौत के बाद लोगों में दहशत है। बाढ़ के प्रभाव के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी नहीं पहुंच पा रहीं थीं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी पहुंचने लगीं हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के कटे मार्ग अभी भी सही नहीं किए जा सके हैं।
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इस कारण दिक्कत बनी हुईं हैं। आवाजाही की दिक्कतों से भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने कटे संपर्क मार्ग सही कराने की मांग उठाई है। बमनपुरा के अरविंद ने कहा कि मार्ग कटे होने के कारण अभी आवाजाही नहीं हो पा रही है। बाढ़ का पानी उतरा है लेकिन दिक्कतें अभी कम नहीं है। बाढ़ पीड़ित जसवीर ने बताया कि बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। फसलें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं।
बाढ़ का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। जलस्तर कम होने से राहत मिलने लगी है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया गया है। टीमें लगातार ग्रामीणों का परीक्षण करके दवाएं दे रहीं हैं। अब लगातार जलस्तर में गिरावट आएगी।
धीरेंद्र सिंह, एसडीएम पटियाली
डिस्चार्ज-
नरौरा- 85680 क्यूसेक
बिजनौर- 39286 क्यूसेक
हरिद्वार- 52915 क्यूसेक
कछला गेज- 163.10 मीटर के निशान पर