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पैसा मिलने पर शौचालय न बनाए तो होगी एफआईआर: डीएम
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:09 PM IST
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कासगंज।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण की केंद्र व राज्य सरकार द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। गांव में शौचालय न बनने अथवा अधूरे रहने की स्थिति में सचिव के साथ ही ग्राम प्रधान भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। धन लेकर शौचालय नहीं बनाए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायतवार निर्मित व अनारंभ शौचालयों की समीक्षा की। जहां पैसा निकाले जाने के बावजूद शौचालय नहीं बनवाए गए हैं। जांच कराकर ऐसे दोषी ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार भी सीज किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जिन लाभार्थियों ने पैसा लेकर भी शौचालय नहीं बनाए हैं, उनका राशन कार्ड, पट्टा भी निरस्त हो सकता है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी तथा सहायक विकास अधिकारी पंचायत को जो गांव ओडीएफ नहीं हुए है उनके कार्य की स्थिति को स्वयं जाकर देखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि सर्वाधिक अनारंभ शौंचालय पटियाली ब्लाक में हैं। असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह स्थिति अच्छी नहीं है। काम में रुचि न लेने वाले सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। जिन गांवों के ग्राम प्रधान, सचिव बैठक में अनुपस्थित रहे। उन्हें अलग से बुलाकर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी विश्वनाथ सिंह सहित खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पंचायतगण व ग्राम प्रधान व सचिव उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण की केंद्र व राज्य सरकार द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। गांव में शौचालय न बनने अथवा अधूरे रहने की स्थिति में सचिव के साथ ही ग्राम प्रधान भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। धन लेकर शौचालय नहीं बनाए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायतवार निर्मित व अनारंभ शौचालयों की समीक्षा की। जहां पैसा निकाले जाने के बावजूद शौचालय नहीं बनवाए गए हैं। जांच कराकर ऐसे दोषी ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार भी सीज किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। जिन लाभार्थियों ने पैसा लेकर भी शौचालय नहीं बनाए हैं, उनका राशन कार्ड, पट्टा भी निरस्त हो सकता है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी तथा सहायक विकास अधिकारी पंचायत को जो गांव ओडीएफ नहीं हुए है उनके कार्य की स्थिति को स्वयं जाकर देखने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि सर्वाधिक अनारंभ शौंचालय पटियाली ब्लाक में हैं। असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह स्थिति अच्छी नहीं है। काम में रुचि न लेने वाले सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। जिन गांवों के ग्राम प्रधान, सचिव बैठक में अनुपस्थित रहे। उन्हें अलग से बुलाकर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी विश्वनाथ सिंह सहित खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पंचायतगण व ग्राम प्रधान व सचिव उपस्थित रहे।
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