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सफेद श्रंगार देख नम हो गईं भक्तों की आंखें
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:24 PM IST
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जसराना। जसराना के मां कामाख्या धाम में मां के गर्भग्रह के पट बंद होने के साथ ही अंबुबाची महोत्सव की आगाज हो गया। शुक्रवार सुबह मंगला आरती के साथ मां के परंपरागत श्रंगार को उतारकर सफेद कपड़ों से मां का श्रंगार किया गया। वेदमंत्रों के साथ मां के गर्भग्रह के पट बंद किए गए।
जसराना के मां कामाख्या धाम में धाम के पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने सुबह चार बजे मां के पट खोले। पट खोलने के बाद मां की मंगला आरती की गई। मंगला आरती के बाद मां का चोला उतारकर सफेद कपड़ों से श्रंगार किया गया। अंबुबाची महोत्सव के पहले दिन भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां के दर्शन किए। महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने बताया कि वेदमंत्रों के साथ मां के कपाट बंद हो गए हैं। 25 जून को सुबह पट खोल जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर में व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली है।
मां के पट बंद करने वाली आठ महिलाओं के साथ तीन दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को अग्नि से पका खाना खाना वर्जित है। महिलाएं अग्नि से पके हुए खाने के अलावा कुछ भी खा सकती हैं। पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने कहा कि तीन दिनों तक व्रत रखने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
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जसराना के मां कामाख्या धाम में धाम के पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने सुबह चार बजे मां के पट खोले। पट खोलने के बाद मां की मंगला आरती की गई। मंगला आरती के बाद मां का चोला उतारकर सफेद कपड़ों से श्रंगार किया गया। अंबुबाची महोत्सव के पहले दिन भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां के दर्शन किए। महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने बताया कि वेदमंत्रों के साथ मां के कपाट बंद हो गए हैं। 25 जून को सुबह पट खोल जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर में व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली है।
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मां के पट बंद करने वाली आठ महिलाओं के साथ तीन दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को अग्नि से पका खाना खाना वर्जित है। महिलाएं अग्नि से पके हुए खाने के अलावा कुछ भी खा सकती हैं। पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रहमचारी ने कहा कि तीन दिनों तक व्रत रखने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
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