{"_id":"5b041e2e4f1c1bdf408b6f66","slug":"101526996526-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूर्यदेव का चढ़ा पारा, अब सतर्कता ही सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूर्यदेव का चढ़ा पारा, अब सतर्कता ही सहारा
Updated Tue, 22 May 2018 07:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। मई का महीना ही लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। आसमान से बरसती आग लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है। मंगलवार को भी तेज धूप ने लोगों को खूब झुलसाया। इस दौरान अधिकतम 44 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। चिकित्सकों ने सतर्कता बरतने को कहा है। वहीं, उन्होंने बराबर पानी पीने की सलाह भी दी है।
तेज धूप लोगों की त्वचा को झुलसा रही थी। आलम यह रहा कि सुबह 10 बजे के बाद से ही लोग घरों में कैद हो गए। जो लोग सड़कों पर थे, उनमें भी घर जाने की जल्दी दिखाई दी। इस दौरान बाजरा में सन्नाटा पसरा रहा। शाम चार बजे के बाद ही लोगों ने अपने रोजमर्रा के कार्य करना शुरू किए। शाम के बाद ही बाजार में थोड़ी चहल-पहल दिखाई दी। स्कूलों का अवकाश होने के कारण माता-पिता की चिंता जरूर कम हुई, लेकिन इस दौरान सामान्य जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
गर्मी के मौसम में गन्ने के जूस की डिमांड अचानक बढ़ गई। ठेलों पर जूस पीने के लिए लगी भीड़ को आराम से देखा जा सकता है। गर्मी को देखते हुए 10 रुपये का गिलास बेचा जा रहा है। थोड़ा से बचाव कर गर्मी को मात दी जा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जाए। गर्मी से पीड़ित व्यक्ति को ओआरएस का घोल देते रहना चाहिए। यह संभव न हो तो चीनी-नमक का घोल भी पिला सकते हैं। कटे-फटे फलों से परहेज करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेज धूप लोगों की त्वचा को झुलसा रही थी। आलम यह रहा कि सुबह 10 बजे के बाद से ही लोग घरों में कैद हो गए। जो लोग सड़कों पर थे, उनमें भी घर जाने की जल्दी दिखाई दी। इस दौरान बाजरा में सन्नाटा पसरा रहा। शाम चार बजे के बाद ही लोगों ने अपने रोजमर्रा के कार्य करना शुरू किए। शाम के बाद ही बाजार में थोड़ी चहल-पहल दिखाई दी। स्कूलों का अवकाश होने के कारण माता-पिता की चिंता जरूर कम हुई, लेकिन इस दौरान सामान्य जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
विज्ञापन
गर्मी के मौसम में गन्ने के जूस की डिमांड अचानक बढ़ गई। ठेलों पर जूस पीने के लिए लगी भीड़ को आराम से देखा जा सकता है। गर्मी को देखते हुए 10 रुपये का गिलास बेचा जा रहा है। थोड़ा से बचाव कर गर्मी को मात दी जा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जाए। गर्मी से पीड़ित व्यक्ति को ओआरएस का घोल देते रहना चाहिए। यह संभव न हो तो चीनी-नमक का घोल भी पिला सकते हैं। कटे-फटे फलों से परहेज करना चाहिए।
विज्ञापन