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जिला अस्पताल में दवा नहीं होने से बाहर से खरीदने को मजबूर मरीज
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:03 AM IST
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फिरोजाबाद। जिला अस्पताल में दवाओं के लिए करीब छह माह से अधिक हो गया लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। उल्टी, दस्त एवं बुखार और रक्तचाप की दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं। दवा कपंनियों की करीब 60 लाख रुपये की उधारी चल रही है। ऐसे में अस्पताल में दवाओं की कमी बनी हुई है। जिला अस्पताल आने वाले मरीज बाहर से दवाएं लाने को मजबूर हैं।
गत दिनों सीडीओ अशोक कुमार ने निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें अस्पताल में जीवन रक्षा दवाओं की सूची में कुछ दवाएं कम दिखीं थीं। रोग प्रतिरोधक दवाओं का स्टाक न के बराबर रह गया है। इसके अलावा कई और जरूरी दवाएं भी खत्म होने की कगार पर हैं। जिला अस्पताल को दवाएं प्रदेश सरकार के दवा और वैक्सीन वितरण प्रबंधन पोर्टल (डीवीडीएमएस) पोर्टल में फंस गई हैं। कई कंपनियां आर्डर देने के बाद महीनों तक दवा की आपूर्ति ही नहीं पहुंचाती हैं। क्योंकि दवा कंपनियों की करीब 60 लाख रुपये की उधारी हो गई है।
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गत दिनों सीडीओ अशोक कुमार ने निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें अस्पताल में जीवन रक्षा दवाओं की सूची में कुछ दवाएं कम दिखीं थीं। रोग प्रतिरोधक दवाओं का स्टाक न के बराबर रह गया है। इसके अलावा कई और जरूरी दवाएं भी खत्म होने की कगार पर हैं। जिला अस्पताल को दवाएं प्रदेश सरकार के दवा और वैक्सीन वितरण प्रबंधन पोर्टल (डीवीडीएमएस) पोर्टल में फंस गई हैं। कई कंपनियां आर्डर देने के बाद महीनों तक दवा की आपूर्ति ही नहीं पहुंचाती हैं। क्योंकि दवा कंपनियों की करीब 60 लाख रुपये की उधारी हो गई है।
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