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स्कूल संचालकों को बचाने में जुटा शिक्षा विभाग
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:38 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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एटा। जिले मेें शिक्षा व्यवस्था को पलीता लगाने से अफसर ही पीछे नहीं हट रहे हैं। आलम यह है कि जिले में एक विद्यालय प्रबंधक के घर में चल रहा है। जांच में स्थिति साफ होने के बाद भी विभाग स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गांव ककैरा में संचालित हरिपाल सिंह आदर्श शिशु मंदिर में शिक्षा के नाम पर धन का बंदरबांट होने की शिकायत की गई थी। जब विभाग से मान्यता के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो मान्यता नहीं होेने की जानकारी दी। इसके बावजूद विद्यालय को ग्रांट दी जाती रही। विद्यालय में अनियमितताओं की शिकायत गांव लालगढ़ी निवासी अजय यादव ने की। शिकायत के आधार पर बीएसए ने जांच टीम गठित करते हुए तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और जीआईसी प्रधानाचार्य को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच टीम ने पाया कि दो कमरों में स्कूल चल रहा है। वहीं कोई भी शिक्षक पद के लिए अर्हता नहीं रखते। टीम की रिपोर्ट पर बीएसए ने स्कूल संचालक से जवाब मांगा, जिस पर संचालक ने गोलमोल जवाब दे दिए। स्कूल प्रबंधक ने शिक्षकों की अर्हता के साथ अन्य कोई अभिलेख विभाग को नहीं दिए। इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई। मामले में बीएसए ने डीएम को मान्यता प्रत्याहरण करने की कार्रवाई करने की जानकारी देते हुए रिपोर्ट मंडल स्तर पर प्रेषित की, लेकिन स्कूल अब भी चल रहा है। ऐसे में साफ है कि विभाग की मिली भगत से स्कूल चल रहा है। जबकि शासन ने कई बार बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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गांव ककैरा में संचालित हरिपाल सिंह आदर्श शिशु मंदिर में शिक्षा के नाम पर धन का बंदरबांट होने की शिकायत की गई थी। जब विभाग से मान्यता के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो मान्यता नहीं होेने की जानकारी दी। इसके बावजूद विद्यालय को ग्रांट दी जाती रही। विद्यालय में अनियमितताओं की शिकायत गांव लालगढ़ी निवासी अजय यादव ने की। शिकायत के आधार पर बीएसए ने जांच टीम गठित करते हुए तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और जीआईसी प्रधानाचार्य को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच टीम ने पाया कि दो कमरों में स्कूल चल रहा है। वहीं कोई भी शिक्षक पद के लिए अर्हता नहीं रखते। टीम की रिपोर्ट पर बीएसए ने स्कूल संचालक से जवाब मांगा, जिस पर संचालक ने गोलमोल जवाब दे दिए। स्कूल प्रबंधक ने शिक्षकों की अर्हता के साथ अन्य कोई अभिलेख विभाग को नहीं दिए। इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई। मामले में बीएसए ने डीएम को मान्यता प्रत्याहरण करने की कार्रवाई करने की जानकारी देते हुए रिपोर्ट मंडल स्तर पर प्रेषित की, लेकिन स्कूल अब भी चल रहा है। ऐसे में साफ है कि विभाग की मिली भगत से स्कूल चल रहा है। जबकि शासन ने कई बार बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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