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परीक्षा केंद्र निर्धारण में भी मानक की अनदेखी
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:14 PM IST
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UP Board Exam
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मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के केंद्र निर्धारण में मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। कई कालेज ऐसे हैं जिनमें फर्जीनचर की तो व्यवस्था छोड़ो बैठने के लिए आवंटित छात्रों के हिसाब से कक्षा कक्ष तक नहीं हैं। एक कालेज तो मात्र छह कमरों पर ही सेंटर बना दिया गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 में जनपद में 115 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से सीधे केंद्रों का निर्धारण किया गया है। केंद्रों की सूची जारी होने के साथ ही छात्र आवंटन भी कर दिया गया है। जिस प्रकार से छात्र आवंटन व केंद्र निर्धारण किया है वह प्रधानाचार्यों की तो बात छोड़ो खुद शिक्षाधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है।
जिन कालेजों की रिपोर्ट उनके द्वारा गलत लगाई गई थी उनको भी केंद्र बना दिया गया है। वीरांगन अवंतीबाई इंटर कालेज अशोकपुर कुरावली में मात्र छह कमरे हैं। यहां पर बच्चों के बैठने के लिए कोई उचित व्यवस्था तक नहीं है।
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स्कूल की हालत भी ठीक नहीं है। यहां 412 परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। जबकि मानक के अनुसार एक कक्ष में मात्र 24 विद्यार्थी ही परीक्षा दे सकते हैं। जिले में 24 से अधिक कालेज ऐसे हैं जा मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं लेकिन उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
यूपी बोर्ड 2018 की परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में सहायता प्राप्त कालेजों के प्रधानाचार्यों ने आवंटित छात्र संख्या के हिसाब से परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। गुुरुवार को इस संबंध में कई कालेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस से मुलाकात कर लिखित प्रपत्र भी दिया।
परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल महर्षि कश्यपमुनि इंटर कालेज कोसमा में डीआईओएस जीएस राजपूत को 11 नवंबर के निरीक्षण में सीसीटीवी कैमरे आदि नहीं मिले थे। इस पर नोटिस जारी किया था, लेकिन इसे भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
परीक्षा केंद्रों को लेकर कई कालेज संचालकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने डीआईओएस से रिपोर्ट मांगी है। देर शाम जिलाधिकारी ने जिला समिति के साथ जनपद में परीक्षा केंद्रों की स्थिति को लेकर बैठक की।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रत्यावेदन देने वाले प्रधानाचार्यों की भीड़ लग रही है। गुरुवार तक दो दर्जन से अधिक कालेज संचालक डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों को लेकर प्रत्यावेदन दे चुके थे।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि जो प्रत्यावेदन प्राप्त हुए हैं उनकी जानकारी जिला समिति को दी जा रही है। जिला समिति ही कोई निर्णय लेगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 में जनपद में 115 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से सीधे केंद्रों का निर्धारण किया गया है। केंद्रों की सूची जारी होने के साथ ही छात्र आवंटन भी कर दिया गया है। जिस प्रकार से छात्र आवंटन व केंद्र निर्धारण किया है वह प्रधानाचार्यों की तो बात छोड़ो खुद शिक्षाधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है।
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जिन कालेजों की रिपोर्ट उनके द्वारा गलत लगाई गई थी उनको भी केंद्र बना दिया गया है। वीरांगन अवंतीबाई इंटर कालेज अशोकपुर कुरावली में मात्र छह कमरे हैं। यहां पर बच्चों के बैठने के लिए कोई उचित व्यवस्था तक नहीं है।
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स्कूल की हालत भी ठीक नहीं है। यहां 412 परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। जबकि मानक के अनुसार एक कक्ष में मात्र 24 विद्यार्थी ही परीक्षा दे सकते हैं। जिले में 24 से अधिक कालेज ऐसे हैं जा मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं लेकिन उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
यूपी बोर्ड 2018 की परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में सहायता प्राप्त कालेजों के प्रधानाचार्यों ने आवंटित छात्र संख्या के हिसाब से परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। गुुरुवार को इस संबंध में कई कालेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस से मुलाकात कर लिखित प्रपत्र भी दिया।
परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल महर्षि कश्यपमुनि इंटर कालेज कोसमा में डीआईओएस जीएस राजपूत को 11 नवंबर के निरीक्षण में सीसीटीवी कैमरे आदि नहीं मिले थे। इस पर नोटिस जारी किया था, लेकिन इसे भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
परीक्षा केंद्रों को लेकर कई कालेज संचालकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने डीआईओएस से रिपोर्ट मांगी है। देर शाम जिलाधिकारी ने जिला समिति के साथ जनपद में परीक्षा केंद्रों की स्थिति को लेकर बैठक की।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रत्यावेदन देने वाले प्रधानाचार्यों की भीड़ लग रही है। गुरुवार तक दो दर्जन से अधिक कालेज संचालक डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों को लेकर प्रत्यावेदन दे चुके थे।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि जो प्रत्यावेदन प्राप्त हुए हैं उनकी जानकारी जिला समिति को दी जा रही है। जिला समिति ही कोई निर्णय लेगी।