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17068 बच्चे अतिकुपोषित, फिर भी एनआरसी खाली
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:31 AM IST
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बच्चे
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फिरोजाबाद। प्रशासन के पास आंकड़ों में जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग 66,062 है, जबकि 17068 अति कुपोषित बच्चे हैं। भारी-भरकम संख्या दिखाकर शासन से उन बच्चों के नाम पर पोषक आहार लिया जा रहा है। जबकि जिला महिला अस्पताल में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) को देखें तो चौंकाने वाले नजारे दिखेंगे। 10 पलंग के वार्ड में कुछ पलंग खाली रहते हैं। कभी-कभार तो पूरा वार्ड खाली हो जाता है।
फरवरी 2016 से शुरू हुए पुनर्वास केंद्र में अब तक सिर्फ 216 ही अतिकुपोषित बच्चे ही भर्ती हुए हैं, जबकि गुजरे बजन दिवस में करीब पांच हजार से अधिक बच्चे रेड लाइन पर मिले थे। अतिकुपोषण बच्चों को कुपोषण की स्थिति तक पहुंचाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हो रही है। वहीं, अलग-अलग दिवस के रूप में बजट भी खर्च कर दिया जाता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और ब्लॉकों से कुपोषित बच्चों को इस केंद्र में भेजा जाता था। उन अधिकारियों के जाने के बाद केंद्र में बच्चों के लाले हो रहे हैं। सघन निर्देश मिलते हैं तो सिर्फ उसी समय कुछ बच्चों को भर्ती करा दिया जाता है।
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फरवरी 2016 से शुरू हुए पुनर्वास केंद्र में अब तक सिर्फ 216 ही अतिकुपोषित बच्चे ही भर्ती हुए हैं, जबकि गुजरे बजन दिवस में करीब पांच हजार से अधिक बच्चे रेड लाइन पर मिले थे। अतिकुपोषण बच्चों को कुपोषण की स्थिति तक पहुंचाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हो रही है। वहीं, अलग-अलग दिवस के रूप में बजट भी खर्च कर दिया जाता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और ब्लॉकों से कुपोषित बच्चों को इस केंद्र में भेजा जाता था। उन अधिकारियों के जाने के बाद केंद्र में बच्चों के लाले हो रहे हैं। सघन निर्देश मिलते हैं तो सिर्फ उसी समय कुछ बच्चों को भर्ती करा दिया जाता है।
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