{"_id":"59f8b8714f1c1b70548ba27d","slug":"101509472369-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों पर जुर्माने की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों पर जुर्माने की मार
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
आयकर
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। इन्कर्म टैक्स रिटर्न जमा करने वाले बडे़ व्यापारियों पर अब जुर्माने की मार लग सकती है। मंगलवार को टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि पर भी साइट ने खुलने के चलते कई व्यापारियों का रिटर्न दाखिल नहीं हो सका।
जिले में तकरीबन 700 से अधिक बडे़ व्यापारी हैं, जो कि इन्कम टैक्स रिटर्न जमा करते हैं। टैक्स जमा करने के लिए सरकार की ओर से आडिट के बाद 31 अक्तूबर को रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि थी। मंगलवार को व्यापारी टैक्स जमा करने के लिए कार्यालय पहुंचे। वे काफी देर तक साइट खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक साइट नहीं खुली।
जिससे व्यापारी परेशान हैं। बता दें कि अगर 31 अक्तूबर तक इन्कम टैक्स रिटर्न जमा नहीं होता तो 1.50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। सीए संदीप अग्रवाल ने बताया कि आडिट के बाद टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख पर साइट क्रैश होने से परेशानी आ रही है। यदि टैक्स जमा नहीं हुआ तो व्यापारियों पर करोडों रुपये का जुर्माना लग सकता है। समाचार लिखे जाने तक साइट नहीं खुल सकी थी।
विज्ञापन
टैक्सेशन बार के अधिवक्ता प्रखर दीक्षित ने बताया कि साइट न खुलने से व्यापारियों को बेहद नुकसान होगा। अगर साइट नहीं खुली तो यह बडे़ व्यापारियों के लिए एक बड़ा नुकसान होगा।
विज्ञापन
जिले में तकरीबन 700 से अधिक बडे़ व्यापारी हैं, जो कि इन्कम टैक्स रिटर्न जमा करते हैं। टैक्स जमा करने के लिए सरकार की ओर से आडिट के बाद 31 अक्तूबर को रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि थी। मंगलवार को व्यापारी टैक्स जमा करने के लिए कार्यालय पहुंचे। वे काफी देर तक साइट खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक साइट नहीं खुली।
विज्ञापन
जिससे व्यापारी परेशान हैं। बता दें कि अगर 31 अक्तूबर तक इन्कम टैक्स रिटर्न जमा नहीं होता तो 1.50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। सीए संदीप अग्रवाल ने बताया कि आडिट के बाद टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख पर साइट क्रैश होने से परेशानी आ रही है। यदि टैक्स जमा नहीं हुआ तो व्यापारियों पर करोडों रुपये का जुर्माना लग सकता है। समाचार लिखे जाने तक साइट नहीं खुल सकी थी।
विज्ञापन
टैक्सेशन बार के अधिवक्ता प्रखर दीक्षित ने बताया कि साइट न खुलने से व्यापारियों को बेहद नुकसान होगा। अगर साइट नहीं खुली तो यह बडे़ व्यापारियों के लिए एक बड़ा नुकसान होगा।