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जयपुर के राजा मान सिंह ने बनवाया था रघुनाथ मंदिर
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:20 PM IST
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जयपुर के राजा मान सिंह ने बनवाया था रघुनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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सोरों (कासगंज)।
363 वर्ष पूर्व सूकर क्षेत्र में हरिपदी के किनारे भव्य रघुनाथ मंदिर का जयपुर के राजा मानसिंह ने निर्माण कराया था। यह मंदिर सूकर क्षेत्र में विशेष श्रद्धा का मंदिर है। राजस्थान राज्य के श्रद्धालुओं की इस तीर्थ के प्रति अगाध श्रद्धा प्राचीन समय से ही रही है। आज भी राजा मानसिंह के राज परिवार के वशंज यहां पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं।
विक्रम संवत 1711 में इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया था। राजस्थानी पत्थरों पर कलाकृतियां उकेरी गई थीं। स्थापत्य कला की दृष्टि से भी यह मंदिर विशेष महत्व का है। इस मंदिर में भगवान राम, जानकी, राधा कृष्ण, सिद्धि विनायक गणेश की अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर निर्माण के पश्चात राजा मानसिंह के परिवारीजन यहां पहुंचकर विशेष पूजा अर्चना के कार्यक्रम आयोजित करते थे। उनके कुल पुरोहित भी सूकर क्षेत्र से थे। आज भी राजघराने के लोग यहां पहुंचकर धार्मिक उत्सव आयोजित करते हैं। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की रामनवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर के सेवायत बाबा रामदेव की सातवीं पीढ़ी के विष्णु रामदास हैं। बताया गया कि राजा मान सिंह ने इस विशाल मंदिर का निर्माण कराने के पश्चात देखभाल का जिम्मा बाबा रामदेव को सौंपा था। हरिपदी के पूर्वी तट पर यह मंदिर स्थित है।
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363 वर्ष पूर्व सूकर क्षेत्र में हरिपदी के किनारे भव्य रघुनाथ मंदिर का जयपुर के राजा मानसिंह ने निर्माण कराया था। यह मंदिर सूकर क्षेत्र में विशेष श्रद्धा का मंदिर है। राजस्थान राज्य के श्रद्धालुओं की इस तीर्थ के प्रति अगाध श्रद्धा प्राचीन समय से ही रही है। आज भी राजा मानसिंह के राज परिवार के वशंज यहां पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं।
विक्रम संवत 1711 में इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया था। राजस्थानी पत्थरों पर कलाकृतियां उकेरी गई थीं। स्थापत्य कला की दृष्टि से भी यह मंदिर विशेष महत्व का है। इस मंदिर में भगवान राम, जानकी, राधा कृष्ण, सिद्धि विनायक गणेश की अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर निर्माण के पश्चात राजा मानसिंह के परिवारीजन यहां पहुंचकर विशेष पूजा अर्चना के कार्यक्रम आयोजित करते थे। उनके कुल पुरोहित भी सूकर क्षेत्र से थे। आज भी राजघराने के लोग यहां पहुंचकर धार्मिक उत्सव आयोजित करते हैं। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की रामनवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर के सेवायत बाबा रामदेव की सातवीं पीढ़ी के विष्णु रामदास हैं। बताया गया कि राजा मान सिंह ने इस विशाल मंदिर का निर्माण कराने के पश्चात देखभाल का जिम्मा बाबा रामदेव को सौंपा था। हरिपदी के पूर्वी तट पर यह मंदिर स्थित है।
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