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तेज बारिश ने जगाई किसानों की उम्मीद
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:41 PM IST
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जलभराव हुआ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। गर्मी और उमस ने लोगोें को परेशान कर दिया। गुरुवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश शुक्रवार तक रुक-रुककर होती रही। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक ला दी है। मानसून की दस्तक से किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब बारिश होने से किसान खरीफ की बुवाई और धान की रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं। बारिश के अभाव से सूख रही धान की नर्सरी और सब्जियों की फसलें अब लहलहाने लगेंगी। वहीं तापमान में आई कमी से हर कोई खुश नजर आ रहा है।
शुक्रवार की सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे। इसके चलते मौसम सुहाना बना रहा। सड़कों पर भी चहल पहल नजर आई। वहीं दोपहर दो बजे के बाद उमस भरी गर्मी का एहसास हुआ। उसके बाद फिर मौसम सुहावना हो गया। मौसम के रुख को देख कर अभी और बारिश के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले दिनों उमस भरी गर्मी और सूर्य की तपिश से मुरझाए किसानों के चेहरे बारिश को देखकर खिल उठे हैं। अभी तक किसान परेशान थे कि कैसे धान की नर्सरी बचाई जाएगी और कैसे धान की रोपाई होगी।
उधर जिन किसानों ने लौकी, तोरई, अरबी, टिंडा, मक्का की फसल कर रखी थी वह भी बारिश न होने से परेशान थे। बारिश ने धान की रोपाई का रास्ता साफ कर दिया है। मूंगफली, उर्द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि की फसलों को नुकसान होने की संभावना है।
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निचले इलाकोें में हुआ जलभराव
जहां बारिश से किसान के चेहरे खिले वहीं गर्मी से राहत मिली। वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। नगर के ज्योति तिराहा, नवीन मंडी, ज्योति रोड में बने सड़क से नीचे मकानों, दुकानों, पुलिस चौकी गोदाम में जलभराव हो गया। लोग खुद पानी बाहर निकालते रहे। यही हाल अवधनगर, पंजाबी कालोनी, बंशीगौरा, किला के पीछे आदि में यही स्थिति रही।
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शुक्रवार की सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे। इसके चलते मौसम सुहाना बना रहा। सड़कों पर भी चहल पहल नजर आई। वहीं दोपहर दो बजे के बाद उमस भरी गर्मी का एहसास हुआ। उसके बाद फिर मौसम सुहावना हो गया। मौसम के रुख को देख कर अभी और बारिश के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले दिनों उमस भरी गर्मी और सूर्य की तपिश से मुरझाए किसानों के चेहरे बारिश को देखकर खिल उठे हैं। अभी तक किसान परेशान थे कि कैसे धान की नर्सरी बचाई जाएगी और कैसे धान की रोपाई होगी।
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उधर जिन किसानों ने लौकी, तोरई, अरबी, टिंडा, मक्का की फसल कर रखी थी वह भी बारिश न होने से परेशान थे। बारिश ने धान की रोपाई का रास्ता साफ कर दिया है। मूंगफली, उर्द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि की फसलों को नुकसान होने की संभावना है।
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निचले इलाकोें में हुआ जलभराव
जहां बारिश से किसान के चेहरे खिले वहीं गर्मी से राहत मिली। वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। नगर के ज्योति तिराहा, नवीन मंडी, ज्योति रोड में बने सड़क से नीचे मकानों, दुकानों, पुलिस चौकी गोदाम में जलभराव हो गया। लोग खुद पानी बाहर निकालते रहे। यही हाल अवधनगर, पंजाबी कालोनी, बंशीगौरा, किला के पीछे आदि में यही स्थिति रही।